Jansanchaar Madhyam (अभ्यास प्रश्न) | Abhivyakti aur Madhyam Class 11 | अभिव्यक्ति और माध्यम क्लास 11 (अभ्यास प्रश्न)

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Class 11 Hindi जनसंचार माध्यम पाठ प्रश्न उत्तर | NCERT Solutions


कक्षा 11 हिंदी के पाठ “जनसंचार माध्यम” के प्रश्न-उत्तर यहाँ दिए गए हैं। यह पोस्ट विद्यार्थियों के लिए NCERT Solutions, परीक्षा की तैयारी और असाइनमेंट में मदद करेगी। इसमें लोकमाध्यम, समाचार-पत्र, टेलीविजन और इंटरनेट पत्रकारिता से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर सरल रूप में दिए गए हैं।

जनसंचार माध्यम – प्रश्न अभ्यास

प्रश्न 1: इस पाठ में विभिन्न लोक-माध्यमों की चर्चा हुई है। आप पता लगाइए कि वे कौन-कौन से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस पाठ में जिन लोकमाध्यमों की चर्चा हुई है, वे हैं-लोक-नृत्य, लोक-संगीत और लोक-नाट्य। ये देश के विभिन्न भागों में विविध नाट्य रूपों-कथावाचन, बाउल, सांग, रागिनी तमाशा, लावनी, नौटंकी, जात्रा, गंगा-गौरी, यक्ष-गान, कठपुतली लोक-नाटक आदि में प्रचलित हैं। इनमें स्वाँग उत्तरी भारत, नौटंकी उत्तर प्रदेश, बिहार, रागिनी हरियाणा तथा यक्ष-गान कर्नाटक क्षेत्रों से संबंधित हैं। हमारे क्षेत्र में नौटंकी का प्रयोग खूब होता है। यह ग्रामीण नाट्य-शैली का एक रूप है। इसमें प्राय: रात्रि के समय मंच पर किसी लोक-कथा या कहानी को नाट्य-शैली में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें स्त्री-पात्रों की भूमिका भी प्राय: पुरुष-पात्र करते हैं। हारमोनियम, नगाड़ा, ढोलक आदि वाद्य-यंत्रों के साथ यह संगीतमय प्रस्तुति लोक-लुभावन होती है।
प्रश्न 2: आजादी के बाद भी हमारे देश के सामने बहुत सारी चुनौतियाँ हैं।
आजादी के बाद भी हमारे देश में बहुत-सी चुनौतियाँ हैं। ये चुनौतियाँ हैं :

निर्धनता से निपटने की चुनौती।
बेरोजगारी से निपटने की चुनौती।
भ्रष्टाचार की चुनौती।
देश की एकता बनाए रखने की चुनौती।
आतंकवाद का मुकाबला करने की चुनौती।
सांप्रदायिकता से निपटने की चुनौती।

हम समाचार-पत्रों को इन चुनौतियों के प्रति काफी हद तक संवेदनशील पाते हैं। वे अपने दायित्व का निर्वहन, इनसे पीडित लोगों की आवाज सरकार तक पहुंचाकर कर रहे हैं, जिससे सरकार और अन्य स्वयंसेवी संस्थाएँ इनको हल करने के लिए आगे आती हैं। हाँ, छोटे समाचार-पत्र अपनी सीमा निश्चित होने के कारण कई बार दबाव में आकर उतने संवेदनशील नहीं हो पाते हैं।
प्रश्न 3: टी०वी० के निजी चैनल अपनी व्यावसायिक सफलता के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाते हैं?
टी०वी० के निजी चैनल अपनी व्यावसायिक सफलता के लिए लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने वाले कार्यक्रम दिखाते हैं। लोग ऐसे कार्यक्रमों की ओर आकर्षित होते हैं। ये चैनल कई बार लोगों की आस्था को भी निशाना बनाने से नहीं चूकते। इन कार्यक्रमों को टुकड़ों में दिखाते हुए ऐसे मोड़ पर समाप्त करते हैं, जिससे लोगों की उत्सुकता अगले कार्यक्रम के लिए बनी रहे। गत दिनों जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ की खबरों तथा उनमें फैंसे नागरिकों को बचाने संबंधी खबरों को कई दिनों तक टी०वी० पर दिखाया जाता रहा। इसी प्रकार अमेठी (उत्तर प्रदेश) के भूपति भवन पर अधिकार को लेकर संजय सिंह (राज्य सभा सांसद) और उनकी पहली पत्नी गरिमा सिंह, पुत्र अनंत विक्रम सिंह के मध्य हुए झगड़े एवं विवाद को कई बार दिखाया गया।
प्रश्न 4: इंटरनेट पत्रकारिता ने दुनिया को किस प्रकार समेट लिया है?
इंटरनेट पत्रकारिता के कारण अब दूरियाँ सिमटकर रह गई हैं; इंटरनेट की पहुँच दुनिया के कोने-कोने तक हो गई है। इसकी रफ्तार बहुत तेज है। इसका असर पत्रकारिता पर भी हुआ है। इसकी मदद से स्टूडियो में बैठा संचालक किसी भी मुद्दे पर देश-विदेश में बैठे व्यक्ति से बातें कर लेता है और करा देता है। इसकी मदद से गोष्ठियाँ, वार्ताएँ आयोजित की जाती हैं। इससे विश्व की किसी भी घटना की जानकारी अब आसान हो गई है।
प्रश्न 5: किन्हीं दो हिंदी पत्रिकाओं के समान अंकों को पढ़िए और उनमें तुलना कीजिए।
हम ‘सरिता’ और ‘इंडिया टुडे’ पत्रिकाओं के समान अंकों को लेते हैं और तुलना करते हैं :

आवरण पृष्ठ-‘सरिता’ पत्रिका का आवरण पृष्ठ अधिक रंग-बिरंगा, चित्रमय, आकर्षक और सुंदर है, जबकि ‘इंडिया टुडे’ का आवरण पृष्ठ अच्छा है, पर उतना आकर्षक नहीं।

अंदर के पृष्ठों की साज-सज्जा-‘सरिता’ के पृष्ठों की साज-सज्जा पर अधिक ध्यान दिया गया है, जबकि ‘इंडिया टुडे’ के पृष्ठों पर कम। ‘सरिता’ के पृष्ठों पर चित्र अधिक हैं, जबकि ‘इंडिया टुडे’ के पृष्ठों पर कम।

सूचनाओं का क्रम-‘सरिता’ में सूचनाएँ किसी क्षेत्र-विशेष से संबंधित न होकर विविध क्षेत्रों से संबंधित हैं, जबकि ‘इंडिया टुडे’ में मुख्यत: राजनीतिक खबरें एवं सूचनाएँ हैं।

भाषा-शैली– ‘सरिता’ की भाषा सरल तथा बोधगम्य है, जबकि ‘इंडिया टुडे’ की भाषा-शैली अधिक उच्च-स्तरीय है।
प्रश्न 6: निजी चैनलों पर सरकारी नियंत्रण होना चाहिए अथवा नहीं?
निजी चैनलों पर नियंत्रण होने से उनका काम करने का दायरा एवं ढंग प्रभावित होगा। इससे उनकी निष्पक्षता पर भी असर पड़ेगा। उन्हें सरकारी दबाव में काम करना होगा, अत: हमारे विचार में निजी चैनलों पर सरकारी नियंत्रण नहीं होना चाहिए।
प्रश्न 7: नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। उनके सामने ✓ या × का निशान लगाते हुए उदाहरण दीजिए।
(क) संचार माध्यम केवल मनोरंजन के साधन हैं। ×
उदाहरण-संचार माध्यमों से हमें तरह-तरह का ज्ञान प्राप्त होता है, अत: ये केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं।

(ख) केवल तकनीकी विकास के कारण संचार संभव हुआ, इससे पहले संचार संभव नहीं था। ×
उदाहरण-संचार दो व्यक्तियों के बीच यहाँ तक अकेले भी होता है। इसके लिए तकनीकी विकास की आवश्यकता अनिवार्य नहीं थी।

(ग) समाचार-पत्र और पत्रिकाएँ इतने सशक्त संचार माध्यम हैं कि वे राष्ट्र का स्वरूप बदल सकते हैं। ✓
उदाहरण-समाचार-पत्र-पत्रिकाएँ घोटाले, भ्रष्टाचार, अनैतिकता, सांप्रदायिकता आदि के विरुद्ध आवाज उठाकर राष्ट्र का स्वरूप बदल सकते हैं।

(घ) टेलीविजन सबसे प्रभावशाली एवं सशक्त संचार माध्यम है। ✓
उदाहरण-टेलीविजन आवाज और चित्र का संगम होने के कारण अमीर-गरीब, शहरी-ग्रामीण, युवा-वृद्ध सभी की पसंद बन गया है।

(ड) इंटरनेट सभी संचार माध्यमों का मिला-जुला रूप या समागम है। ✓
उदाहरण-इंटरनेट पर समाचार-पठन, गीत-संगीत, फ़िल्म, बैठक, गोष्ठी आदि देखा-सुना जा सकता है।

(च) कई बार संचार माध्यमों का नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। ✓
उदाहरण-इंटरनेट और टेलीविजन अपने कार्यक्रमों से समाज में अश्लीलता परोसने का काम कर रहे हैं।
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