Ghar me Wapsi Class 11 Important Question Answer | Class 11 Hindi Chapter Ghar me Wapsi Important Question Answer | घर में वापसी Class 11 Important Questions

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Ghar me Wapsi Class 11 Important Question Answer | Class 11 Hindi Chapter Ghar me Wapsi Important Question Answer | घर में वापसी Class 11 Important Questions 



प्रश्न 1. कवि किस प्रकार के घर में वापसी की आकाँक्षा करता है ?

उत्तर - कवि अपने घर में वापस आने की आकाँक्षा करता है जिसमें गरीबी और अभाव के कारण बिखराव न हो। पारिवारिक संबंधों में टूटन न हो और न ही उसमें दिखावट हो। घर के सभी सदस्य प्रेम-भावना से परस्पर बँधे हुए हों। सभी एक-दूसरे से सहजतापूर्वक बोल सकें, अपने दुख-दर्द को एक-दूसरे के सामने वाणी दे सकें।


प्रश्न 2. इस वापसी में उसके मार्ग में क्या व्यवधान है ?

उत्तर - ‘घर में वापसी’ नामक कविता में कवि के मार्ग में एक ही बड़ा व्यवधान है और वह है-गरीबी। गरीबी के बंधनों ने परिवार के सभी सदस्यों की भावनाओं और विचारों को अपने बंधन में बँधा हुआ है, जिस कारण उनके मन नहीं खुल पाते।


प्रश्न 3. “हम अपने खून में इतना भी लोहा नहीं पाते कि हम उससे एक ताली बनवाते और भाषा के भुन्नासी ताले को खोलते ” का भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर - कवि कहता है कि गरीबी ने उन्हें विवश कर दिया है। उनके रक्त में इतनी शक्ति शेष नहीं बची कि उससे चाबी बनवाकर मौन हो गए भाषा रूपी ताले को खोल पाते। वे एक-दूसरे के सुख-दुख को बाँटकर पारस्परिक संबंधों का अहसास कर पाते। वे हदययों में खिंची दीवारों को गिराकर एक-दूसरे के समक्ष अपने सुख-दुख के भावों को व्यक्त कर पाते। वे एक-दूसरे के साथ प्रेमपूर्वक बोल पाते। अपनत्व के भावों में एक-दूसरे के साथ बोलते।

     

प्रश्न 4. कवि ने इस कविता में पाँच जोड़ी आँखों की चर्चा की है जबकि उसने चार जोड़ी आँखों का ही विवरण दिया है। पाँचर्वीं जोड़ी आँखें किसकी हैं ? वे आँखें कैसे होंगी, इसकी कल्पना कीजिए। उनके लिए भी उपयुक्त प्रतीक प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर - कविता में वर्णित पाँच जोड़ी आँखों में से पाँचवीं जोड़ी आँखें स्वयं कवि की अपनी हैं। वे आँखें दुख-पीड़ा विवशता से भरी होंगी। वे चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते, अतः उनमें पीड़ा का भरा होना सहज स्वाभाविक ही है। कवि ने माँ की आँखों को तीर्थ-यात्रा पर जाने वाली बस के पंचर पहिए कहा है तो पिता की आँखों को लोहसाँय की ठंडी सलाखें। बेटी की आँखें मंदिर की दीवट पर जलते दीये की पवित्र लौ है तो पल्ली की आँखें-आँखें नहीं बल्कि हाथ प्रतीत होते हैं। कवि की अपनी आँखें तेज हवा में टिमटिमाते दीप-सी हैं जिसकी लौ गरीबी के प्रचंड वेग में बुझना चाहती है, पर मन की आशा के कारण फिर से जगमगाती हैं। सारे परिवार के लिए दुख और पीड़ा में डूबा वह टिमटिमाता दीया ही तो उनके जीवन का एकमात्र आधार है।


प्रश्न 5. ‘घर में वापसी’ कविता का मूल भाव क्या है ?

उत्तर - ‘घर में वापसी’ कविता में कवि यह कहना चाहता है कि आम आदमी गरीबी के कारण अपने पारस्परिक प्रेम-संबंधों को भुला बैठा है, उनमें बिखराव आ गया है। गरीबी की मार ने उनकी संवेदनाओं को दबा दिया है, उनकी सुख-दुख की अभिव्यक्ति पर अंकुश लगा दिया है। वे एक-दूसरे से अपने हदय के भाव भी व्यक्त नहीं कर पाते। वे सब समय से पहले ही बूढ़े होते जा रहे हैं। समय और गरीबी की मार उनके चेहरे पर स्पष्ट दिखाई दे रही है। आवश्यक्ता इस बात की है कि प्रयास करके संबंधों के जंग लगे तालों को खोला जाए। गरीबी न मिटने पर भी स्नेह-संबंध बढ़ाए जाएँ।



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प्रश्न 6. कवि ने भुन्ना-सी ताला किसे कहा है ? उसे तोड़ने का क्या उपाय बताया है ?

उत्तर - कवि ने पारिवारिक संबंधों की जड़ता को भुना-सी ताला कहा है। यही परिवार के सदस्यों के मन में बिखराव और टूटन का कारण बनता है। इसका कारण गरीबी है। इस भुना-सी ताले को हिम्मत और ऊर्जा की चाबी से खोला जा सकता है।


प्रश्न 7. पारिवारिक रिश्तों के न खुलने का क्या कारण है ?

उत्तर - कवि ने निम्न मध्यवर्गीय परिवार में धन के अभाव को पारिवारिक रिश्तों के न खुलसे का कारण बताया है। कवि को अनुसार इसी कारण वे परस्पर बातचीत के द्वारा एक-दूसरे के दुख-दर्द को बांट नहीं पाते। उनका आपसी प्रेम मर चुका है। उसमें इतनी गमीं नहीं रही है कि वे एक-दूसरे के प्रति अपने हदयय के प्रेम को प्रकट कर पाते। उन सभी के मुँह पर मानो चुपी के ताले लगे हुए हैं। केवल गरीबी ही एकमात्र कारण है जो पारिवारिक रिश्तों को खुलने नहीं देती।


प्रश्न 8. निम्नलिखित पंक्तियों में आँखों के लिए प्रयुक्त प्रतीक स्पष्ट कीजिए :

(क) मंदिर में दीवट पर जलते घी के दो दीये

(ख) आँखें आँखें नहीं हाथ हैं।

उत्तर - (क) मंदिर के दीवट पर चलने वाले पवित्र दीये जैसी उसकी बेटी की आँखें हैं। इस प्रतीक द्वारा कवि ने अपनी बेटी की आँखों की पवित्रता और सेह का प्रतिपादन किया है कि उनमें निष्कपटता और भोलापन है।

(ख) कवि ने आँखें नहीं बल्कि उन्हें हाथ का माना है और इस प्रतीक अपनी पली के लिए प्रयुक्त किया है। वे उसे सब प्रकार से हौसला देती रहती हैं, इसलिए वे उसे सहारा और सहयोग देने वाले हाथों के समान प्रतीत होती हैं।


प्रश्न 9. ‘घर में वापसी’ कविता द्वारा कवि ने क्या दर्शाना चाहा है ?

उत्तर - ‘घर में वापसी’ कविता सुदामा पांडेय धूमिल द्वारा रचित है। इसमें कवि ने अभाव-ग्रस्त पारिवारिक संबंधों में आए बिखराव का अंकन किया है। उनके अनुसार आधुनिक-भौतिकवादी युग में धन के अभाव ने उनके आपसी रिस्तों को तोड़ दिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक ही छत के नीचे रहते हुए भी परिवार के सदस्य एक-दूसरे से अनजान बने रहते हैं।


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