Saye Me Dhoop Ghazal Class 11 Question Answer | साये में धूप ग़ज़ल प्रश्न उत्तर
कक्षा 11 हिंदी आरोह भाग-1 की प्रसिद्ध रचना ‘साये में धूप’ (ग़ज़ल) के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर यहाँ दिए गए हैं। यह पोस्ट NCERT Solutions Class 11 Hindi, परीक्षा तैयारी और त्वरित रिवीजन के लिए उपयोगी है। इस ग़ज़ल में सामाजिक यथार्थ, व्यवस्था पर व्यंग्य तथा मानवीय संवेदनाओं का प्रभावशाली चित्रण मिलता है।
साये में धूप (ग़ज़ल) – प्रश्न अभ्यास (NCERT Solutions)
प्रश्न 1. आखरी शेर में गुलमोहर की चर्चा हुई है। क्या उसका आशय एक खास तरह के फूलदार वृक्ष से है या उसमें कोई सांकेतिक अर्थ निहित है?
इस ग़ज़ल के शेयर में प्रयुक्त 'गुलमोहर' शब्द का अर्थ सांकेतिक है। गुलमोहर मनमोहक व घना वृक्ष होता है जो सभी को अपनीसुगंध एवं शीतल छाया की ओर आकर्षित करता है। दुष्यंत जी ने इसके माध्यम से ऐसे लोगों की ओर संकेत किया है जो परोपकार की भावना से दूसरों को सुख देने में तत्पर रहते हैं। इन्हीं सुखों के लिए किसी अन्य स्थान पर या किसी अन्य देश में अपना बलिदान देना पड़े तो हमेशा तैयार रहना चाहिए।
प्रश्न 2. पहले शेर में ‘चिराग’ शब्द एक बार बहुवचन में आया है और दूसरी बार एकवचन में। अर्थ एवं काव्य-सौंदर्य की दृष्टि से इसका क्या महत्त्व है?
गजल के शेर में प्रयुक्त 'चिरांगा' शब्द बहुवचन के रूप में है जो समस्त मानव परिवार को उद्घाटित करता है। जबकि दूसरी बार 'चिराग' शब्द का अर्थ एकवचन अर्थात एक व्यक्ति-विशेष को प्रकट कर रहा है। चिराग का अर्थ 'दीपक' होता है। दीपक प्रतीक है- ज्ञान का प्रकाश फैलाने का। इसका अर्थ केवल प्रकाश देने वाले दीए से ही नहीं अपितु भौतिक सुख सुविधाओं से भी है। चिराग शब्द की आवृत्ति के कारण यहाँ यमक अलंकार है।
प्रश्न 3. गजल के तीसरे शेर को गौर से पढ़ें। यहाँ दुष्यंत का इशारा किस तरह के लोगों की ओर है?
गजल के तीसरे शेर में दुष्यंत जी का इशारा उन लोगों की ओर है जो अभावग्रस्त जीवन जीते हुए अत्यंत कर्मठतापूर्ण तथा कर्मशील बने हुए हैं। वे विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं घबराते और आशावादी बने रहते हैं। ऐसे लोग ही जीवन रूपी यात्रा को सफलतापूर्वक तय करते हैं।
प्रश्न 4. आशय स्पष्ट करें –
तेरा निजाम है सिल दे जुबान शायर की, ये एहतियात जरूरी है इस बहर के लिए।
तेरा निजाम है सिल दे जुबान शायर की, ये एहतियात जरूरी है इस बहर के लिए।
इसमें कवि शायरों और शासक के संबंधों के बारे में बताता है। शायर सत्ता के खिलाफ लोगों को जागरूक करता है। इससे सत्ता को क्रांति का खतरा लगता है। वे स्वयं को बचाने के लिए शायरों की जबान अर्थात् कविताओं पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। जैसे गजल के छद के लिए बंधन की सावधानी जरूरी है, उसी तरह शासकों को भी अपनी सत्ता कायम रखने के लिए विरोध को दबाना जरूरी है।
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Really great guruji. Mene sare chapter pdh liye h with questions. Amazing 👌👌
ReplyDeleteVery nice answers, thank you so much sir
ReplyDeleteThankyou sir jii bahut aache answers hai
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