CBSE Class 10 Hindi B Answer Key 2026 (All Sets & Codes) | 02 March 2026
CBSE Class 10 Hindi Course B (Code 085) की बोर्ड परीक्षा 02 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। परीक्षा के तुरंत बाद छात्र अपने उत्तरों का मिलान करने के लिए Hindi B Answer Key 2026 की तलाश कर रहे हैं। इस पोस्ट में हमने सभी 5 Sets (Set 1, 2, 3, 4, 5) और उनके सभी 15 Question Paper Codes का 100% सटीक हल (Solution) उपलब्ध कराया है।
📑 अपना Question Paper Code चुनें (Click to Jump)
📌 Set 1
- 👉 Code 4/1/1
- 👉 Code 4/1/2
- 👉 Code 4/1/3
📌 Set 2
- 👉 Code 4/2/1
- 👉 Code 4/2/2
- 👉 Code 4/2/3
📌 Set 3
- 👉 Code 4/3/1
- 👉 Code 4/3/2
- 👉 Code 4/3/3
📌 Set 4
- 👉 Code 4/4/1
- 👉 Code 4/4/2
- 👉 Code 4/4/3
📌 Set 5
- 👉 Code 4/5/1
- 👉 Code 4/5/2
- 👉 Code 4/5/3
🔥 Set 1 - Answer Key 2026
🟢 Question Paper Code: 4/1/1 Solution
खंड – 'क' (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (जलवायु संकट और स्वास्थ्य)
- (i) (C) स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति उदासीनता दिखाने लगते हैं।
- (ii) (D) (I), (II) और (III), तीनों सही हैं।
- (iii) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv) 'लू' गर्मियों में चलने वाली तीव्र गर्म हवा को कहते हैं। इससे बचने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और हीट स्ट्रोक का कारण बन सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।
- (v) बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के दो उपाय हैं: 1. अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना और हरे-भरे क्षेत्रों को बढ़ावा देना। 2. तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना और सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी निभाते हुए प्रदूषण कम करना।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (जीवन की सच्चाई)
- (i) (C) कष्टों के बाद ही सुख का अनुभव होता है।
- (ii) (D) I(ii), II(i), III(iii) — [पत्थर : मानव-जीवन, छेनी : कष्ट, मूर्ति : सफलता]
- (iii) (B) जीवन निखारने के लिए कष्टों के महत्व समझाने हेतु।
- (iv) 'जीवन का फूल खिलने' से अभिप्राय है जीवन में सफलता प्राप्त करना, आंतरिक खुशियों का अनुभव करना और संघर्षों के बाद निखर कर सामने आना।
- (v) जीवन विरोधाभासों का मेल है। जैसे नाव को सीधा चलाने के लिए दो पतवारों की आवश्यकता होती है, वैसे ही जीवन को सही दिशा देने के लिए सुख और दुःख, सफलता और असफलता दोनों को स्वीकार करना जरूरी है।
खंड – 'ख' (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध पर आधारित प्रश्न
- 'बहादुर मेहनती और हंसमुख' — विशेषण पदबंध।
- वह अपना काम पूरी ईमानदारी और लगन से करता है। (रेखांकित: ईमानदारी और लगन से) — क्रिया-विशेषण पदबंध।
- विशेषण पदबंध: 'बहुत-सा बाल और प्रौढ़'।
- सर्वनाम पदबंध का उदाहरण: 'विदेश से आए हुए वे' या 'भाग्य का मारा मैं'।
- वाक्य में अंत में आने वाला वह शब्द समूह जो क्रिया का काम करता है, क्रिया पदबंध कहलाता है। जैसे: 'वह पढ़ रहा है'।
प्रश्न 4: रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण
- गौरैया ऊँचे महल के समीप से गुजरी और उसने संगीत की आवाज़ सुनी। — संयुक्त वाक्य।
- मिश्र वाक्य: "नगर में जो एक ऊँचा स्तंभ था, उस पर राजकुमार की प्रतिमा थी।"
- सरल वाक्य: "स्वच्छ पानी लेकर बहने वाली नदियाँ आज सूख रही हैं।"
- संयुक्त वाक्य: "गौरैया दिनभर उड़ी और रात को नगर के समीप पहुँची।"
- जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय (मुख्य क्रिया) हो, वह सरल वाक्य है। उदाहरण: 'राम स्कूल जाता है।'
प्रश्न 5: समास पर आधारित प्रश्न
- समस्त पद के सभी पदों को अलग-अलग करके उनके आपसी संबंध को स्पष्ट करना समास विग्रह कहलाता है। जैसे: 'राजपुत्र' का विग्रह 'राजा का पुत्र'।
- 'यथास्थिति' का विग्रह: 'स्थिति के अनुसार'। भेद: अव्ययीभाव समास।
- 'गंगातट' का विग्रह 'गंगा का तट' है। यहाँ 'का' कारक चिह्न का लोप हुआ है, इसलिए यह तत्पुरुष समास है।
- 'महात्मा' का बहुव्रीहि विग्रह: 'महान है आत्मा जिसकी (अर्थात् एक विशेष व्यक्ति/संत)'।
- सात ऋषियों का समूह — समस्त पद: सप्तर्षि।
प्रश्न 6: मुहावरे पर आधारित प्रश्न
- नीट की परीक्षा में अच्छी रैंक के साथ उत्तीर्ण होने के कारण राम के पैर ज़मीन पर न पड़ रहे।
- एक बात गाँठ बाँध लो कि किसी को भी अपना ओ.टी.पी. नहीं बताना चाहिए।
- मुहावरा प्रयोग: "ताजमहल की अनुपम सुंदरता देखकर पर्यटक अपनी सुध-बुध खो बैठे।"
- 'पानी-पानी होना' के समान अर्थ वाला मुहावरा: 'घड़ों पानी पड़ना' या 'बगलें झाँकना'।
- 'ज़मीन आसमान का अंतर' का अर्थ है बहुत अधिक अंतर होना। 'उन्नीस-बीस का अंतर' का अर्थ है बहुत कम या नाममात्र का अंतर होना।
खंड – 'ग' (पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक)
प्रश्न 7: पठित गद्यांश (कारतूस) बहुविकल्पीय प्रश्न
- (i) (B) उसके पकड़ में न आने के कारण।
- (ii) (C) (I), (II) और (IV) सही हैं।
- (iii) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv) (A) दुविधा
- (v) (C) उसके माध्यम से अवध पर कब्ज़ा जमाना चाहते थे।
प्रश्न 8: गद्य खंड पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) ‘बड़े भाई साहब’ पाठ के आधार पर: बड़े भाई साहब के अनुसार अंग्रेजी पढ़ना कोई हँसी-खेल नहीं है क्योंकि इसे सीखने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। मुझे गणित (या अपनी पसंद का कोई विषय) हँसी-खेल नहीं लगता क्योंकि इसमें बहुत अधिक एकाग्रता और सूत्रों के अभ्यास की आवश्यकता होती है। इसके दो कारण हैं: जटिल अवधारणाएँ और निरंतर अभ्यास की कमी।
(ii) ‘डायरी का एक पन्ना’ पाठ के आधार पर: पुलिस कमिश्नर ने नोटिस निकाला था कि अमुक-अमुक जगहों पर कोई सभा नहीं हो सकती और जुलूस नहीं निकाला जा सकता। इसका मुख्य उद्देश्य 26 जनवरी 1931 को कलकत्ता में होने वाले स्वतंत्रता दिवस के उत्सव और जन-जागृति को रोकना था।
(iii) ‘ततारा-वामीरो कथा’ के आधार पर: कथा के अनुसार ततारा के गुस्से में अपनी तलवार ज़मीन में गाड़ देने से द्वीप दो भागों में बँट गया। वैज्ञानिक दृष्टि से यह भूगर्भीय हलचल या प्राकृतिक आपदा का परिणाम हो सकता है। मैं वैज्ञानिक दृष्टि से सहमत हूँ क्योंकि द्वीप का विभाजन भौगोलिक परिवर्तनों पर आधारित होता है, लेकिन कथा का संदेश (सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ना) सराहनीय है।
(iv) ‘तीसरी कसम’ फ़िल्म की कहानी के आधार पर: शैलेंद्र ने राज कपूर को एक ऐसा कलाकार बताया जो अपने अभिनय को व्यावसायिकता से ऊपर रखता है। इससे उनके व्यक्तित्व की सादगी, ईमानदारी और कला के प्रति अटूट निष्ठा का पता चलता है। शैलेंद्र स्वयं एक आदर्शवादी कवि थे, जो बनावटीपन से दूर थे।
प्रश्न 9: पठित काव्यांश (मीरा के पद) बहुविकल्पीय प्रश्न
- (i) (C) उनके दर्शनों का लाभ उठाना चाहती है।
- (ii) (B) दर्शन, स्मरण और भक्ति का।
- (iii) (C) उनके लिए ऊँचे-ऊँचे महल बनवाना।
- (iv) (C) भाव रूपी भक्ति।
- (v) (D) (III) और (IV) सही हैं।
प्रश्न 10: काव्य खंड पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'साखी' कविता के आधार पर सुख-दुख: कबीर की दृष्टि में संसार के लोग विषय-वासनाओं में डूबे हुए हैं, वे खाने और सोने को ही सुख मानते हैं। इसके विपरीत, कबीर आध्यात्मिक जागृति के कारण दुखी हैं और संसार की नश्वरता को देखकर रोते हैं। संसार सांसारिक सुखों को सत्य मानता है, जबकि कबीर ईश्वर वियोग को वास्तविक पीड़ा मानते हैं।
(ii) 'मनुष्यता' कविता के आधार पर मृत्यु: कवि मैथिलीशरण गुप्त मृत्यु से न डरने की सलाह इसलिए देते हैं क्योंकि मृत्यु निश्चित है। वे कहते हैं कि मनुष्य को ऐसी 'सुमृत्यु' (गौरवशाली मृत्यु) प्राप्त करनी चाहिए जिससे उसे मरने के बाद भी याद किया जाए। परोपकार के लिए जीने-मरने वाला व्यक्ति ही सच्चा मनुष्य है।
(iii) प्रकृति-सौंदर्य का वर्णन: सुमित्रानंदन पंत की कविता 'पर्वत प्रदेश में पावस' में प्रकृति के कोमल रूप का वर्णन है। वर्षा ऋतु में पर्वतों पर खिले फूल पर्वत की आँखों के समान लगते हैं, झरने मोतियों की लड़ियों जैसे गिरते हैं और बादलों का धुँआ आकाश में जादुई दृश्य उत्पन्न करता है।
(iv) 'तोप' कविता के आधार पर पाठ: कवि ने 'तोप' के माध्यम से देशभक्ति का यह पाठ पढ़ाया है कि अत्याचारी कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, एक न एक दिन उसका अंत निश्चित है। आज वही तोप केवल बच्चों के खेलने की चीज़ या चिड़ियों का बसेरा बनकर रह गई है।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्यपुस्तक 'संचयन' पर आधारित प्रश्न
(i) 'हरिहर काका' और पारिवारिक स्वार्थ: इस कहानी के माध्यम से लेखक ने दिखाया है कि आज पारिवारिक संबंधों पर स्वार्थ हावी हो गया है। हरिहर काका के भाई और महंत दोनों ही उनकी देखभाल केवल उनकी 15 बीघे ज़मीन हड़पने के लिए करते हैं। जब काका ने ज़मीन देने से मना किया, तो उनके अपने भाइयों ने ही उन पर अत्याचार किए, जो सिद्ध करता है कि आज रिश्तों की बुनियाद केवल पैसा और संपत्ति बन गई है।
(ii) 'टोपी शुक्ला' और बाल-मनोविज्ञान: हाँ, 'टोपी शुक्ला' कहानी पूर्णतः बाल-मनोविज्ञान पर आधारित है। टोपी का अपने घर में अकेलापन, अपनी दादी से स्नेह न मिलना और अपने दोस्त इफ़्फ़न की दादी से भावनात्मक लगाव, एक बच्चे की प्रेम और सहानुभूति की भूख को दर्शाता है।
(iii) 'सपनों के से दिन' - शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण: तत्कालीन समय में लोगों का शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण बहुत उदासीन था। माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजना ज़रूरी नहीं समझते थे। उन्हें लगता था कि पढ़-लिखकर क्या होगा, अंततः बच्चों को खेती या व्यापार ही करना है। उन्हें केवल मुनीबगिरी (हिसाब-किताब) सीखने भर की शिक्षा ही पर्याप्त लगती थी।
खंड – 'घ' (रचनात्मक लेखन)
प्रश्न 12, 13, 14, 15: रचनात्मक लेखन (Creative Writing)
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी:
प्रश्न संख्या 12, 13, 14, 15 रचनात्मक लेखन है .. जिस पर विद्यार्थी अपने विचार के अनुसार उत्तर लिख सकता है। यह भाग आपकी वैचारिक स्पष्टता, कल्पनाशीलता और भाषा-शैली का परीक्षण करता है। इन प्रश्नों (अनुच्छेद, पत्र, सूचना, विज्ञापन, ई-मेल) के उत्तर अपनी मौलिकता और दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लिखें।
🟢 Question Paper Code: 4/1/2 Solution
खंड – 'क' (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (कल्पना और सत्य)
- (i) ‘ज्योति अंधेरे में ही जगमगाती है’ – का गद्यांश के संदर्भ में आशय है:
उत्तर: (C) कष्टों के बाद ही सुख का अनुभव होता है। - (ii) कॉलम - I को कॉलम - II से सुमेलित कीजिए:
उत्तर: (C) I(ii), II(i), III(iii) - (iii) पत्थर, छेनी और मूर्ति का उदाहरण यहाँ किस उद्देश्य से दिया गया है?
उत्तर: (B) जीवन निखारने के लिए कष्टों का महत्त्व समझाने हेतु। - (iv) ‘जीवन का फूल खिलने’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: ‘जीवन का फूल खिलने’ से अभिप्राय है जीवन में सत्य का साक्षात्कार करना और संघर्षों का सामना करते हुए सफलता और प्रसन्नता प्राप्त करना। यह कल्पना की दुनिया से निकलकर यथार्थ में जीने और खिलने का प्रतीक है। - (v) ‘ज़िंदगी की नाव दोनों पतवारों से चलती है’ कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
उत्तर: इसका अर्थ है कि जीवन सुख-दुःख, अच्छे-बुरे दोनों के मेल से बनता है। जिस प्रकार नाव चलाने के लिए दोनों पतवारों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार जीवन के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए हमें अनुकूल और प्रतिकूल दोनों स्थितियों को स्वीकार करना पड़ता है।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (जलवायु संकट और लू)
- (i) गर्मियों में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगता है, जब वे:
उत्तर: (C) स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति उदासीनता दिखाने लगते हैं। - (ii) गद्यांश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: (D) (I), (II) और (III), तीनों सही हैं। - (iii) कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए:
उत्तर: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है। - (iv) ‘लू’ से आप क्या समझते हैं? इससे बचने की सलाह क्यों दी जाती है?
उत्तर: ‘लू’ गर्मियों में चलने वाली अत्यधिक गर्म और शुष्क हवा है। इससे बचने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी, मस्तिष्क आघात (heatstroke) और दिल के दौरे जैसी जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकती है। - (v) बढ़ते तापमान को नियंत्रित रखने के लिए किन्हीं दो उपायों को लिखिए।
उत्तर: 1. अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना। 2. हरे-भरे क्षेत्रों (Green cover) का संरक्षण और विस्तार करना।
खंड – 'ख' (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध पर आधारित प्रश्न
- वह आधी बाँह की सफेद कमीज़ पहने था। (पदबंध छाँटिए और भेद लिखिए)
उत्तर: पदबंध: आधी बाँह की सफेद कमीज़; भेद: संज्ञा पदबंध। - निर्मला को सवेरे से लेकर रात तक खटना पड़ता था। (रेखांकित पदबंध का भेद)
उत्तर: भेद: क्रिया-विशेषण पदबंध। - ईमानदार और मेहनती लोगों को सम्मान देना चाहिए। (विशेषण पदबंध)
उत्तर: विशेषण पदबंध: ईमानदार और मेहनती। - क्रिया पदबंध का एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर: उदाहरण: बच्चा रोते-रोते सो गया। - सर्वनाम पदबंध की पहचान कैसे की जा सकती है? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: जब किसी पदबंध का शीर्ष शब्द 'सर्वनाम' हो, तो वह सर्वनाम पदबंध कहलाता है। उदाहरण: बाहर से आए अतिथियों में से कुछ चले गए। ('कुछ' यहाँ शीर्ष सर्वनाम है)।
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण (रचना के आधार पर)
- गौरैया ने राजकुमार की तलवार की मूठ से लाल निकाला। (वाक्य भेद)
उत्तर: रचना की दृष्टि से भेद: सरल वाक्य। - नगर के लोग राजकुमार की प्रतिमा की तारीफ करते थे। (मिश्र वाक्य में)
उत्तर: जो राजकुमार की प्रतिमा थी, नगर के लोग उसकी तारीफ करते थे। - पेड़ों की जो टहनियाँ हैं वे बचाव के लिए पुकारते उसके हज़ारों हाथ हैं। (सरल वाक्य में)
उत्तर: पेड़ों की टहनियाँ बचाव के लिए पुकारते उसके हज़ारों हाथ हैं। - संयुक्त वाक्य की क्या पहचान है? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: संयुक्त वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र वाक्य समुच्चयबोधक अव्यय (जैसे- और, पर, किंतु) से जुड़े होते हैं। उदाहरण: सूरज निकला और पक्षी चहचहाने लगे। - नदी पर से गुजरते समय उसने जहाज के शिखरों पर लटकते हुए आकाशदीप देखे। (संयुक्त वाक्य में)
उत्तर: वह नदी पर से गुजर रहा था और उसने जहाज के शिखरों पर लटकते हुए आकाशदीप देखे।
प्रश्न 5: समास पर आधारित प्रश्न
- ‘समस्तपद’ से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: सामासिक प्रक्रिया द्वारा बने नए शब्द को समस्तपद कहते हैं। उदाहरण: रसोईघर (रसोई के लिए घर)। - ‘यथाशीघ्र’ सामासिक पद का विग्रह करते हुए भेद भी लिखिए।
उत्तर: विग्रह: जितना शीघ्र हो; भेद: अव्ययीभाव समास। - ‘रसोईघर’ पद तत्पुरुष समास का उदाहरण है, कैसे?
उत्तर: क्योंकि इसमें उत्तर पद (घर) प्रधान है और विग्रह करने पर कारक चिह्न (के लिए) का प्रयोग होता है - रसोई के लिए घर। - ‘नीलकंठ’ शब्द का बहुव्रीहि समास में विग्रह कीजिए।
उत्तर: विग्रह: नीला है कंठ जिनका अर्थात् शिव। - 'मेरी हाथ पर बाँधने वाली घड़ी' (समस्तपद बनाइए)।
उत्तर: समस्तपद: हथघड़ी।
प्रश्न 6: मुहावरे
- ठाकुरबाड़ी के लोगों ने हरिहर काका को सिर-माथे (या आँखों पर) बैठाकर रखा।
- अध्यापक के मैदान में आते ही छात्र नौ दो ग्यारह हो गए।
- ‘लकीर का फकीर’ मुहावरे का वाक्य प्रयोग:
उत्तर: हमें पुरानी दकियानूसी बातों को छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए, लकीर का फकीर बने रहना ठीक नहीं। - ‘आँख खुलना’ मुहावरे के अर्थ वाला अन्य मुहावरा:
उत्तर: अक्ल आना या चेत जाना। - 'अक्ल पर पत्थर पड़ना' और 'अक्ल के घोड़े दौड़ाना' में अंतर:
उत्तर: अक्ल पर पत्थर पड़ना: बुद्धि भ्रष्ट होना। अक्ल के घोड़े दौड़ाना: बहुत सोच-विचार करना।
खंड – 'ग' (पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक)
प्रश्न 7: गद्य खंड (स्पर्श) पर आधारित प्रश्न
(i) 'बड़े भाई साहब' के चरित्र की विशेषताएँ:
बड़े भाई साहब में कर्तव्यपरायणता, आत्म-नियंत्रण और छोटे भाई के प्रति ममत्व की भावना सर्वोपरि थी। वे अपने छोटे भाई के सामने एक अच्छा आदर्श प्रस्तुत करने के लिए स्वयं के खेल-कूद और इच्छाओं का त्याग कर देते थे।
(ii) 'डायरी का एक पन्ना' स्वातंत्र्य सेनानियों के बलिदान का दस्तावेज़:
यह पाठ 26 जनवरी 1931 को कलकत्ता में स्वतंत्रता दिवस मनाने के उत्साह और अंग्रेज़ी सरकार के दमन का सजीव चित्रण है। इसमें सुभाष चंद्र बोस और अन्य सेनानियों के बलिदान को सिद्ध किया गया है।
(iii) 'तताँरा-वामीरो कथा' में वैवाहिक परंपरा और वर्तमान स्थिति:
पाठ में अपने ही गाँव में विवाह करने की रूढ़िवादी परंपरा थी। वर्तमान भारत में इस स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है; अब लोग अंतर्जातीय विवाह के प्रति अधिक उदार और जागरूक हो गए हैं।
प्रश्न 8: पठित गद्यांश (कारतूस - वज़ीर अली)
- (i) ‘वज़ीर अली आदमी है या भूत’ – लेफ़्टिनेंट ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: (B) उसके पकड़ में न आने के कारण। - (ii) वज़ीर अली और रॉबिनहुड में क्या समानता थी?
उत्तर: (B) (II) और (IV) सही हैं। - (iii) कथन और कारण का सही विकल्प:
उत्तर: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं। - (iv) ‘मसलेहत’ शब्द का अर्थ है:
उत्तर: (B) रहस्य। - (v) अंग्रेज़ों ने साआदत अली को तख्त पर क्यों बैठाया?
उत्तर: (D) ऐश-पसंद और अंग्रेज़ों का भरोसेमंद आदमी था।
प्रश्न 9: काव्य खंड (स्पर्श) लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'साखी' के आधार पर सुख-दुख का दृष्टिकोण:
कबीर के अनुसार संसार के लोग भौतिक सुखों (खाने और सोने) में ही आनंद मानते हैं। इसके विपरीत, कबीर आध्यात्मिक रूप से जागृत हैं और ईश्वर के विरह में दुखी होकर रोते हैं।
(ii) 'मनुष्यता' कविता में मृत्यु से न डरने की सलाह:
कवि मैथिलीशरण गुप्त कहते हैं कि मृत्यु निश्चित है, इसलिए इससे डरना व्यर्थ है। वे 'सुमृत्यु' का संदेश देते हैं, ताकि लोग मरने के बाद भी आपको याद रखें।
(iii) 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में प्रकृति-सौंदर्य:
इसमें पर्वत के 'कोमल रूप' का वर्णन हज़ारों फूल रूपी आँखों के माध्यम से किया गया है, जो तालाब के दर्पण जैसे जल में अपना प्रतिबिंब निहार रहे हैं।
प्रश्न 10: पठित काव्यांश (मीरा के पद)
- (i) मीरा श्रीकृष्ण की चाकरी क्यों करना चाहती है?
उत्तर: (C) उनके दर्शनों का लाभ उठाना चाहती है। - (ii) मीरा किन तीन बातों में सामंजस्य स्थापित करती हैं?
उत्तर: (B) दर्शन, स्मरण और भक्ति का। - (iii) मीरा द्वारा कौन-सा कार्य नहीं किए जाने की बात कही गई है?
उत्तर: (A) कृष्ण का गुणगान करते हुए धेनु चराना। - (iv) मीरा को जेब खर्च के रूप में क्या प्राप्त होगा?
उत्तर: (B) नाम-स्मरण। - (v) काव्यांश के मूल भाव वाले कथन:
उत्तर: (A) (I) और (III) सही हैं।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्यपुस्तक (संचयन) पर आधारित प्रश्न
(i) 'हरिहर काका' और पारिवारिक स्वार्थपरता:
लेखक ने दिखाया है कि आज रिश्तों की डोर कमज़ोर हो गई है। हरिहर काका के भाई और महंत, दोनों ही उनकी ज़मीन हड़पना चाहते थे। यह सिद्ध करता है कि धन-दौलत के आगे खून के रिश्ते गौण हो गए हैं।
(ii) 'टोपी शुक्ला' और बाल-मनोविज्ञान:
यह कहानी बच्चे की भावनात्मक ज़रूरत को दर्शाती है। टोपी का इफ़्फ़न की दादी से प्यार पाना और घर वालों का ताना मारना यह दिखाता है कि बड़ों की असंवेदनशीलता बच्चे के कोमल मन पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
खंड – 'घ' (रचनात्मक लेखन)
प्रश्न 12, 13, 14, 15: रचनात्मक लेखन (Creative Writing)
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश:
प्रश्न संख्या 12, 13, 14, 15 रचनात्मक लेखन है, जिस पर विद्यार्थी अपने विचार के अनुसार उत्तर लिख सकता है। इसमें विज्ञापन तैयार करना, सूचना लेखन, पत्र लेखन, अनुच्छेद लेखन और लघु कथा/ई-मेल लेखन शामिल हैं। इन प्रश्नों में आपकी मौलिकता और प्रस्तुतीकरण को महत्व दिया जाता है, इसलिए इनका अभ्यास स्वयं करें।
🟢 Question Paper Code: 4/1/3 Solution
खंड – 'क' (अपठित बोध)
प्रश्न 1: जलवायु संकट पर आधारित गद्यांश
- (i) (C) स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति उदासीनता दिखाने लगते हैं।
- (ii) (D) (I), (II) और (III), तीनों सही हैं।
- (iii) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv) 'लू' अत्यधिक गर्म और शुष्क हवा को कहते हैं। इससे बचने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण), हीटस्ट्रोक और अंगों की कार्यक्षमता को प्रभावित कर स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
- (v) बढ़ते तापमान को नियंत्रित रखने के दो उपाय: (1) अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना और हरे-भरे क्षेत्रों को बढ़ावा देना। (2) तरल पदार्थों, विशेषकर पानी का अधिक सेवन करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहना।
प्रश्न 2: जीवन दर्शन पर आधारित गद्यांश
- (i) (B) अंधेरे के कारण ही प्रकाश का महत्त्व है।
- (ii) (C) I (ii), II (i), III (iii)
- (iii) (B) जीवन निखारने के लिए कष्टों का महत्त्व समझाने हेतु।
- (iv) 'जीवन का फूल खिलने' से अभिप्राय है जीवन में संघर्षों का सामना करते हुए सफलता प्राप्त करना और आनंदमयी जीवन जीना।
- (v) 'जिंदगी की नाव दोनों पतवारों से चलती है' का अर्थ है कि जीवन सुख-दुख, कल्पना-यथार्थ और संघर्ष-सफलता के संतुलन से चलता है। जैसे नाव के लिए दो पतवारें ज़रूरी हैं, वैसे ही जीवन की सार्थकता इन विपरीत परिस्थितियों के तालमेल में है।
खंड – 'ख' (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध
- वह भूरे रंग का पुराना जूता पहने था। – संज्ञा पदबंध।
- बड़ों से सम्मान और आदर से बोलना चाहिए। – क्रिया-विशेषण पदबंध।
- उसकी हँसी बड़ी कोमल और मीठी थी। – विशेषण पदबंध।
- जब कोई पद समूह वाक्य में सर्वनाम का कार्य करे, तो वह सर्वनाम पदबंध कहलाता है। उदाहरण: शेर की तरह दहाड़ने वाले आप आज चुप क्यों हैं?
- लहरों के एक प्रबल वेग ने उसकी तंद्रा भंग कर दी। – क्रिया पदबंध।
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण
- यहाँ बहुत सर्दी पड़ने लगी है फिर भी मैं तुम्हारा काम कर दूँगी। – संयुक्त वाक्य।
- तलवार की जो मूठ थी, उसमें एक बड़ा-सा लाल जड़ा हुआ था। (मिश्र वाक्य)
- हवा चलने पर पेड़ प्रसन्न होकर झूमने लगते हैं। (सरल वाक्य)
- जिस वाक्य में एक मुख्य उपवाक्य और अन्य आश्रित उपवाक्य हों, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं। उदाहरण: जैसे ही वर्षा हुई, मेंढक बोलने लगे।
- वह टूटे-फूटे मकान के समीप पहुँचा और उसने भीतर की ओर झाँका। (संयुक्त वाक्य)
प्रश्न 5: समास
- जिस समास का पहला पद अव्यय और प्रधान हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। उदाहरण: यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)।
- विद्याहीन – विद्या से हीन (तत्पुरुष समास)।
- 'सतसई' द्विगु समास है क्योंकि इसका पहला पद 'सत' (सात) संख्यावाचक है। विग्रह: सात सौ दोहों का समाहार।
- पीतांबर (कर्मधारय) – पीला है जो अंबर।
- छात्रों के लिए आवास – छात्रावास।
प्रश्न 6: मुहावरे
- दैब न करे, आज मैं बीमार हो जाऊँ, तो तुम्हारे हाथ-पाँव फूल जाएँगे।
- मुझे उनके आँखें तरेरने का विचार ही लज्जास्पद जान पड़ा।
- खानाबदोश जातियाँ जीवन भर मारे-मारे फिरती हैं।
- दाँत खट्टे करना: बुरी तरह हराना। वाक्य: भारतीय टीम ने प्रतिद्वंद्वी टीम के दाँत खट्टे कर दिए।
- अक्ल का अंधा (महामूर्ख होना) और अक्ल चरने जाना (बुद्धि का समय पर काम न करना)।
खंड – 'ग' (पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक)
प्रश्न 7: संचयन पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'हरिहर काका' कहानी और पारिवारिक स्वार्थपरता: लेखक ने इस कहानी के माध्यम से दिखाया है कि आज के समाज में मानवीय रिश्ते स्वार्थ की भेंट चढ़ गए हैं। हरिहर काका के भाई और मंदिर के महंत, दोनों ही उनकी ज़मीन हड़पना चाहते हैं। उनके प्रति भाइयों का प्यार तब तक था जब तक ज़मीन उनके नाम नहीं हुई। ज़मीन के लिए भाइयों द्वारा दी गई शारीरिक और मानसिक यंत्रणा सिद्ध करती है कि पारिवारिक जीवन में स्वार्थपरता किस हद तक बढ़ गई है।
(ii) 'टोपी शुक्ला' और बाल-मनोविज्ञान: यह कहानी पूरी तरह बाल-मनोविज्ञान पर आधारित है। टोपी को अपने घर में वह प्यार और सहानुभूति नहीं मिलती जो उसे इफ़्फ़न की दादी से मिलती है। वह धर्म की दीवारें नहीं जानता, वह केवल प्रेम की भाषा समझता है। दादी की मृत्यु पर उसका विलाप और इफ़्फ़न के साथ उसका लगाव यह दर्शाता है कि बच्चों के लिए भावनात्मक जुड़ाव किसी भी सामाजिक बंधन से ऊपर होता है।
(iii) 'सपनों के-से दिन' और शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण: उस समय के माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजना ज़रूरी नहीं समझते थे। उनका मानना था कि पढ़-लिखकर बच्चा क्या 'कलक्टर' बनेगा? इससे अच्छा है कि वह दुकान पर बैठकर बही-खाता संभालना सीखे। इसका कारण शिक्षा के प्रति जागरूकता की कमी, गरीबी और व्यावसायिक सोच थी जहाँ व्यावहारिक ज्ञान को स्कूली शिक्षा से अधिक महत्त्व दिया जाता था।
प्रश्न 8: मीरा के पद (बहुविकल्पीय)
- (i) (C) उनके दर्शनों का लाभ उठाना चाहती है।
- (ii) (A) त्याग, भक्ति और विनय का।
- (iii) (A) कृष्ण का गुणगान करते हुए धेनु चराना।
- (iv) (C) भाव रूपी भक्ति।
- (v) (A) (I) और (III) सही हैं।
प्रश्न 9: काव्य खंड पर आधारित प्रश्न
(i) कबीर और सांसारिक मनुष्य: सांसारिक मनुष्य खाने-पीने और सोने को ही असली सुख मानते हैं क्योंकि वे अज्ञानता के अंधेरे में हैं। कबीर संसार की नश्वरता को देखकर दुखी हैं।
(ii) मृत्यु से भयभीत न होने की सलाह: कवि कहते हैं कि मृत्यु निश्चित है, इसलिए इससे डरना नहीं चाहिए। हमें 'सुमृत्यु' प्राप्त करनी चाहिए ताकि लोग हमें मरने के बाद भी याद रखें।
(iii) पर्वत प्रदेश में पावस: पर्वत अपनी पुष्प रूपी आँखों से तालाब में अपना प्रतिबिंब देख रहा है। झरने मोतियों की लड़ियों जैसे लग रहे हैं।
(iv) 'तोप' कविता: यह कविता सबक देती है कि अत्याचारी कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, एक न एक दिन उसका अंत निश्चित है।
प्रश्न 10: 'कारतूस' पर आधारित प्रश्न
- (i) (B) उसके पकड़ में न आने के कारण।
- (ii) (B) (II) और (IV)
- (iii) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv) (D) लालच
- (v) (D) ऐश-पसंद और अंग्रेजों का भरोसेमंद आदमी था।
प्रश्न 11: गद्य खंड पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'बड़े भाई साहब' - अनुभव का महत्त्व: उनके अनुसार किताबी ज्ञान से अधिक महत्त्वपूर्ण जीवन का अनुभव है। वे घर के बड़ों का उदाहरण देकर इसे सिद्ध करते हैं।
(ii) 'डायरी का एक पन्ना' - कौंसिल का नोटिस: नोटिस का उद्देश्य 26 जनवरी को स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़कर ब्रिटिश शासन को खुली चुनौती देना था।
(iii) ततारा की तलवार: ततारा ने अपनी तलवार से द्वीप के दो टुकड़े कर दिए, जो रूढ़ियों के प्रति उसके गुस्से और बेबसी का प्रतीक था।
(iv) शिल्पकार शैलेंद्र: शैलेंद्र ने गीतों के भावों से कभी समझौता नहीं किया। उनके गीत 'सजन रे झूठ मत बोलो' उनकी कलात्मक ईमानदारी दर्शाते हैं।
खंड – 'घ' (रचनात्मक लेखन)
प्रश्र 12, 13, 14, 15 रचनात्मक लेखन है .. जिस पर विद्यार्थी अपने विचार के अनुसार उत्तर लिख सकता है।
🔥 Set 2 - Answer Key 2026
🟢 Question Paper Code: 4/2/1 Solution
खण्ड क (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (पर्यावरण और प्लास्टिक)
- (i) (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत
- (ii) (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुन: उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।
- (iii) (A) प्लास्टिक कचरा
- (iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने 'एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति' और 'इस्तेमाल करो और फेंको' वाली पीढ़ी को जन्म दिया है। इसके दुष्परिणाम यह हैं कि इससे पशु-पक्षियों, प्रकृति और मनुष्यों को भारी नुकसान हो रहा है और शहरों में जल-जमाव की समस्या बढ़ रही है।
- (v) प्लास्टिक प्रदूषण पर रोकथाम के लिए आम आदमी को अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा, जैसे कचरा जलाना बंद करना, सूखे और गीले कचरे को अलग करना और प्लास्टिक के विकल्पों को तलाशना। जब नागरिक अपना कर्तव्य समझेंगे, तभी स्थिति में सुधार संभव है।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (साइकिल और सतत विकास)
- (i) (A) देश की आम जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
- (ii) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iii) (D) आर्थिक समानता को बढ़ावा देती है।
- (iv) साइकिल एक स्वच्छ पर्यावरण के लिए अनुकूल माध्यम है क्योंकि यह 'जीरो-कार्बन उत्सर्जन' के साथ चलती है, जिससे वायु प्रदूषण नहीं होता और यह शोर को भी कम करती है।
- (v) साइकिल सस्ता, सुलभ और लाभकारी साधन होने के बावजूद लोग इसे प्राथमिकता नहीं देते क्योंकि आधुनिकता की चकाचौंध और दिखावे की संस्कृति में लोग निजी वाहनों को प्रतिष्ठा का प्रतीक मानते हैं और साइकिल को पिछड़ा हुआ समझते हैं।
खण्ड ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध
- (i) संज्ञा पदबंध (मोटी-पुरानी दरी की विशेषता बता रहे हैं)।
- (ii) जब एक से अधिक पद मिलकर किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, तो उसे विशेषण पदबंध कहते हैं। उदाहरण: 'तेज़ दौड़ने वाला' घोड़ा थक गया।
- (iii) सर्वनाम पदबंध (यहाँ 'वह' मुख्य पद है)।
- (iv) नीले काँच के मोतियों जैसी (यह 'आँखों' की विशेषता बता रहा है)।
- (v) क्रियाविशेषण पदबंध।
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण
- (i) सरल वाक्य: प्रकृति के कष्ट को महसूस करने वाले ही सही अर्थों में मनुष्य हैं।
- (ii) सरल वाक्य को मिश्र वाक्य में बदलने के लिए योजक शब्दों जैसे 'कि', 'जो', 'क्योंकि', 'जब-तब' का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण: सरल - 'बीमार होने के कारण वह नहीं आया।' मिश्र - 'वह नहीं आया क्योंकि वह बीमार था।'
- (iii) मिश्र वाक्य: जब दिन निकला, तब वह नदी पर गई और नहाई।
- (iv) संयुक्त वाक्य: माँ थकी हुई थीं, इसलिए सो गईं।
- (v) वाक्य का भेद: मिश्र वाक्य।
प्रश्न 5: समास
- (i) अव्ययीभाव समास में पहला पद प्रधान और अव्यय होता है। उदाहरण: यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)।
- (ii) समस्तपद: लोक-प्रिय ; समास का नाम: अधिकरण तत्पुरुष समास।
- (iii) 'दिन-रात' में दोनों पद प्रधान हैं और विग्रह करने पर 'और' योजक शब्द लगता है (दिन और रात), इसलिए यह द्वंद्व समास है।
- (iv) विग्रह: लंबा है उदर (पेट) जिसका (अर्थात् गणेश); समास: बहुव्रीहि समास।
- (v) विग्रह (कर्मधारय): चंद्रमा के समान मुख।
प्रश्न 6: मुहावरे
- (i) सुध-बुध (तताँरा की सुध-बुध न रही)।
- (ii) गाढ़ी कमाई: 'रमेश ने अपनी गाढ़ी कमाई से यह घर बनाया है।' (अर्थ: मेहनत की कमाई)।
- (iii) 'बहुत ध्यान से पढ़ना': आँखें गड़ाकर पढ़ना।
- (iv) 'आँखों में खून उतरना': अत्यधिक क्रोधित होना।
- (v) अंतर: 'कलेजा ठंडा होना' का अर्थ है संतोष मिलना, जबकि 'कलेजा मुँह को आना' का अर्थ है बहुत घबरा जाना।
खण्ड ग (पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक)
प्रश्न 7: पठित काव्यांश (मीरा के पद)
- (i) (C) अपने दुखों को हरने की
- (ii) (B) प्रहलाद की रक्षा के लिए
- (iii) (A) श्रीकृष्ण की भक्तवत्सलता को दर्शाने हेतु
- (iv) (A) दास्य भाव की
- (v) (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 8: कविताओं के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'पर्वत प्रदेश में पावस' में प्रकृति का मानवीकरण: पर्वत अपने हज़ारों पुष्प-रूपी आँखों से नीचे झील में अपना प्रतिबिंब देख रहा है, झरने मोतियों की लड़ियों जैसे लग रहे हैं और ऊँचे पेड़ आकाश की ओर मौन होकर देख रहे हैं।
(ii) 'आत्मत्राण' कविता में कवि का स्वभाव: कवि विपत्ति के समय ईश्वर से सहायता नहीं, बल्कि उन विपत्तियों पर विजय पाने की शक्ति माँग रहा है। इससे पता चलता है कि कवि स्वाभिमानी और साहसी स्वभाव का है।
(iii) कबीर की 'साखी' में ईश्वर की सर्वव्यापकता: कबीर ने 'कस्तूरी मृग' का उदाहरण दिया है जो अपनी ही नाभि में बसी कस्तूरी को जंगल में ढूँढता है। वैसे ही ईश्वर हमारे हृदय के भीतर है, लेकिन हम उसे बाहर खोजते हैं।
(iv) 'कर चले हम फ़िदा' में सैनिक जीवन की कठिनाइयाँ: सैनिकों को बर्फीली चोटियों पर खून जमा देने वाली ठंड में रहना पड़ता है, जहाँ साँस लेना भी कठिन हो जाता है, फिर भी वे सीमाओं की रक्षा करते हैं।
प्रश्न 9: पठित गद्यांश (कारतूस)
- (i) (C) वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए
- (ii) (A) उसे अपनी वीरता और बहादुरी पर दृढ़ विश्वास था।
- (iii) (A) वज़ीर रूपी सवार को न पहचानने के कारण
- (iv) (C) बुद्धि-बल का प्रयोग करके
- (v) (A) साहस
प्रश्न 10: गद्य पाठों के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'बड़े भाई साहब' में मोह और माया का दृष्टांत: बड़े भाई साहब यह समझाना चाहते हैं कि मनुष्य चाहे कितना भी पढ़-लिख ले, वह जीवन के व्यावहारिक अनुभवों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के 'मोह-माया' से मुक्त नहीं हो सकता।
(ii) 'डायरी का एक पन्ना' - 26 जनवरी 1931 का उत्साह: स्वतंत्रता दिवस की पहली वर्षगाँठ पर कोलकाता में अपूर्व उत्साह था। पुलिस के पहरे के बावजूद लोगों ने झंडे फहराए और सभाएँ कीं, जिससे शहर में नवीनता दिख रही थी।
(iii) 'तताँरा-वामीरो कथा' में 'पशु-पर्व' का अर्थ: पशु-पर्व में पशुओं के शक्ति-प्रदर्शन के खेल होते थे। मेरी दृष्टि में, मनोरंजन के लिए मूक पशुओं को कष्ट देना अनुचित है और इन परंपराओं को बदलना चाहिए।
(iv) 'तीसरी कसम के शिल्पकार' - व्यथा का संदेश: शैलेंद्र के अनुसार, व्यथा मनुष्य को तोड़ती नहीं बल्कि परिपक्व बनाती है और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्य-पुस्तक 'संचयन' के आधार पर प्रश्न
(i) हरिहर काका का चतुर और ज्ञानी होना: अपनों द्वारा मिले धोखे और मारपीट के अनुभवों ने भोले हरिहर काका को चतुर बना दिया। उन्हें समझ आ गया कि यहाँ बिना स्वार्थ के कोई किसी का नहीं है।
(ii) टोपी शुक्ला के 'अम्मी' शब्द पर प्रतिक्रिया: टोपी के मुँह से 'अम्मी' सुनकर उसके परिवार ने उसे बहुत डाँटा। मेरा विचार है कि बच्चों के लिए शब्द केवल प्रेम की अभिव्यक्ति होते हैं, वे सांप्रदायिक भेदभाव नहीं जानते।
(iii) पीटी मास्टर का कोमल हृदय: पीटी मास्टर स्कूल में सख्त थे, लेकिन घर में तोतों को बादाम खिलाना और उनसे बातें करना उनके कोमल और दयालु पक्ष को दर्शाता है।
खण्ड घ (रचनात्मक लेखन)
नोट: रचनात्मक लेखन (Creative Writing)
प्रश्न संख्या 12, 13, 14, 15 और 16 रचनात्मक लेखन पर आधारित हैं। इसमें अनुच्छेद लेखन, पत्र लेखन, सूचना, विज्ञापन और ई-मेल शामिल हैं। इन प्रश्नों का उत्तर विद्यार्थी अपनी मौलिकता, कल्पनाशीलता और प्रश्न में दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर स्वयं लिख सकते हैं। इसमें आपके निजी विचार और प्रस्तुतीकरण को ही महत्व दिया जाता है।
🟢 Question Paper Code: 4/2/2 Solution
खण्ड क (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (साइकिल की सवारी)
- (i) (A) देश की आम जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन।
- (ii) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iii) (D) आर्थिक समानता को बढ़ावा देती है।
- (iv) साइकिल ज़ीरो-कार्बन उत्सर्जन के साथ चलती है, जिससे वायु और ध्वनि प्रदूषण नहीं होता। यह पर्यावरण के अनुकूल और स्वच्छ माध्यम है।
- (v) साइकिल के सस्ता, सुलभ और लाभकारी साधन होते हुए भी लोग अक्सर निजी वाहनों को सामाजिक प्रतिष्ठा और सुविधा का प्रतीक मानते हैं। शहरों की भीड़भाड़ और साइकिल के लिए अलग रास्तों की कमी के कारण भी लोग इसे प्राथमिकता नहीं देते।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (प्लास्टिक प्रदूषण)
- (i) (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत।
- (ii) (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुनः उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।
- (iii) (A) प्लास्टिक कचरा।
- (iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने 'इस्तेमाल करो और फेंको' (Use and Throw) की संस्कृति को जन्म दिया है। इसके दुष्परिणाम स्वरूप जल जमाव, प्रदूषण और प्रकृति को भारी नुकसान पहुँच रहा है।
- (v) प्लास्टिक प्रदूषण रोकने के लिए आम आदमी को अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा, जैसे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का त्याग करना और पुनर्चक्रण (Recycle) पर ध्यान देना। जब लोग इसे अपना कर्तव्य समझेंगे, तभी सुधार संभव है।
खण्ड ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध पर आधारित प्रश्न
- (i) संज्ञा पदबंध
- (ii) जब किसी वाक्य में पद-समूह सर्वनाम का कार्य करे, तो वह सर्वनाम पदबंध होता है। इसका अंतिम पद सर्वनाम होता है। उदाहरण: शेर की तरह दहाड़ने वाले आप क्यों डर रहे हैं?
- (iii) विशेषण पदबंध (काँच के मनकों जैसी - आँखों की विशेषता)।
- (iv) क्रिया-विशेषण पदबंध (फिरकी की तरह - नाचने की क्रिया की रीति बता रहा है)।
- (v) क्रिया पदबंध ।
प्रश्न 4: रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण
- (i) उसके पंख खोलते ही तीसरी बूंद गिर पड़ी। (सरल वाक्य)
- (ii) संयुक्त वाक्य से 'और', 'किंतु', 'पर' जैसे योजक शब्दों को हटाकर क्रियाओं को मुख्य क्रिया में जोड़ दिया जाता है (जैसे 'कर' या 'हुए' लगाकर)। उदाहरण: "वह बाज़ार गया और फल लाया" का सरल वाक्य होगा— "वह बाज़ार जाकर फल लाया।"
- (iii) जैसे ही चाँद उगा, वैसे ही वह राजकुमार के पास गई। (मिश्र वाक्य)
- (iv) गौरैया बच्चे के सिराहने उड़ी और पंखों से हवा करने लगी। (संयुक्त वाक्य)
- (v) सरल वाक्य (इसमें एक ही मुख्य क्रिया 'लेट गया' है)।
प्रश्न 5: समास
- (i) कर्मधारय समास: इसमें एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है। उदाहरण: नीलकमल (नीला है जो कमल)।
- (ii) समस्तपद: नेत्रहीन (या आँखहीन), समास का नाम: तत्पुरुष समास (अपादान तत्पुरुष)।
- (iii) अष्टाध्यायी का विग्रह है— 'आठ अध्यायों का समाहार'। चूँकि पहला पद संख्यावाचक है, इसलिए यह द्विगु समास है।
- (iv) विग्रह: स्थिति के अनुसार, समास का नाम: अव्ययीभाव समास।
- (v) विग्रह: वीणा है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् सरस्वती (बहुव्रीहि समास)।
प्रश्न 6: मुहावरे
- (i) दाँतों पसीना आना (या पापड़ बेलना)।
- (ii) दाँतों पसीना आना: (अर्थ: कठिन परिश्रम करना) वाक्य प्रयोग: परीक्षा में गणित के कठिन सवाल देखकर अच्छे-अच्छों को दाँतों पसीना आ गया।
- (iii) जले पर नमक छिड़कना।
- (iv) आँखों में खून उतरना (अर्थ: अत्यधिक क्रोध करना)।
- (v) 'आँखों पर पर्दा पड़ना' का अर्थ है— सच न देख पाना या भ्रमित होना। जबकि 'आँखों में धूल झोंकना' का अर्थ है— किसी को धोखा देना।
खण्ड ग (पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक)
प्रश्न 7: पठित गद्यांश (कारतूस)
- (i) (C) वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए।
- (ii) (C) वह जंगल के चप्पे-चप्पे से वाकिफ़ था।
- (iii) (A) वज़ीर रूपी सवार को न पहचानने के कारण।
- (iv) (A) सवार का रूप धारण करके।
- (v) (A) साहस।
प्रश्न 8: निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'बड़े भाई साहब' पाठ में दृष्टांत का उद्देश्य: बड़े भाई साहब ने मोह-माया में जकड़े व्यक्ति का उदाहरण यह समझाने के लिए दिया कि केवल किताबी ज्ञान से जीवन नहीं चलता। अनुभव सबसे बड़ी चीज़ है। उन्होंने छोटे भाई को यह संदेश दिया कि डिग्रियाँ हासिल करने से कोई बड़ा नहीं होता, बल्कि जीवन की समझ और जिम्मेदारी निभाने से बड़प्पन आता है।
(ii) 26 जनवरी 1931 को कलकत्ता का उत्साह: 26 जनवरी 1931 का दिन स्वतंत्रता की पहली वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा था। पूरे शहर को झंडों से सजाया गया था। लोगों में अंग्रेज़ी शासन की परवाह किए बिना अपनी आज़ादी के प्रति जबरदस्त जोश, जुनून और नवीनता दिखाई दे रही थी क्योंकि वे सार्वजनिक रूप से तिरंगा फहराकर विरोध दर्ज कर रहे थे।
(iii) 'पशु-पर्व' का अभिप्राय: 'पशु-पर्व' अंडमान की एक परंपरा थी जिसमें हट्टे-कट्टे पशुओं को आपस में लड़ाया जाता था और अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया जाता था। मेरी दृष्टि में यह परंपरा अनुचित है क्योंकि मनोरंजन या शक्ति प्रदर्शन के नाम पर मूक पशुओं को पीड़ा पहुँचाना और उन्हें लड़ाना क्रूरता है।
(iv) व्यथा और आगे बढ़ने का संदेश (तीसरी कसम): मैं इस पंक्ति के पक्ष में हूँ। व्यथा या दुख मनुष्य को तोड़ता नहीं, बल्कि उसे भीतर से मज़बूत बनाता है। शैलेंद्र के गीतों में जो पीड़ा है, वह व्यक्ति को निराशा में नहीं डुबोती बल्कि जीवन की सच्चाइयों को स्वीकार कर साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
प्रश्न 9: पठित काव्यांश (मीरा के पद)
- (i) (C) अपने दुखों को हरने की।
- (ii) (B) प्रहलाद की रक्षा के लिए।
- (iii) (A) श्रीकृष्ण की भक्तवत्सलता को दर्शाने हेतु।
- (iv) (A) दास्य भाव की (मीरा स्वयं को 'दासी' कहती हैं)।
- (v) (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 10: निर्धारित कविताओं के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) प्रकृति का मानवीकरण (पर्वत प्रदेश में पावस): कवि ने प्रकृति को मनुष्य की तरह कार्य करते दिखाया है, जैसे— (1) पर्वत का अपने हज़ारों पुष्प-रूपी नेत्रों से तालाब के जल में अपना प्रतिबिंब देखना और (2) झरनों का मोतियों की लड़ियों की तरह पहाड़ों का गौरव-गान करना।
(ii) कवि के स्वभाव की विशेषता (आत्मत्राण): इससे कवि के स्वाभिमानी, साहसी और पुरुषार्थी स्वभाव का पता चलता है। वह ईश्वर पर बोझ नहीं बनना चाहता, बल्कि अपनी आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास के बल पर मुसीबतों को जीतना चाहता है।
(iii) कबीर की साखी में उदाहरण: कबीर ने 'कस्तूरी मृग' का उदाहरण दिया है जो जंगल में कस्तूरी की खुशबू ढूंढता फिरता है, जबकि वह उसकी अपनी नाभि में होती है। इसके माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि ईश्वर कण-कण में (हमारे भीतर) व्याप्त है, उसे मंदिरों या बाहरी स्थानों पर ढूंढना व्यर्थ है।
(iv) सैनिक जीवन की कठिनाइयाँ (कर चले हम फ़िदा): कविता के अनुसार सैनिकों का जीवन अत्यंत कठिन होता है। वे हाड़ कंपा देने वाली बर्फ और शून्य से नीचे के तापमान में सीमाओं की रक्षा करते हैं। उनकी नसों में खून जमने लगता है और सांसें रुकने लगती हैं, फिर भी वे मरते दम तक देश की रक्षा के लिए डटे रहते हैं।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्य-पुस्तक (संचयन) पर आधारित प्रश्न
(i) हरिहर काका की चतुराई: हरिहर काका शुरू में बहुत भोले थे, लेकिन जब उनके अपने भाइयों और मंदिर के महंत ने उनकी ज़मीन हड़पने के लिए उन पर अत्याचार किए, उन्हें धोखा दिया और डराया-धमकाया, तब उन्हें दुनिया के स्वार्थी चेहरे का अहसास हुआ। जीवन के इन कड़वे अनुभवों और अपनों के विश्वासघात ने उन्हें चतुर और ज्ञानी बना दिया।
(ii) टोपी शुक्ला के 'अम्मी' शब्द पर प्रतिक्रिया: टोपी के मुँह से 'अम्मी' शब्द सुनकर उसकी दादी और माँ की प्रतिक्रिया सांप्रदायिक संकीर्णता और संकुचित सोच को दर्शाती है। वे एक बच्चे की भावनाओं और उसके इफ़्फ़न के प्रति प्रेम को नहीं समझ सकीं। एक शब्द के आधार पर उसे डांटना या पराया समझना गलत था, क्योंकि प्रेम की कोई भाषा या धर्म नहीं होता।
(iii) पीटी मास्टर का कोमल हृदय (सपनों के-से दिन): पीटी मास्टर साहब स्कूल में अत्यंत सख्त थे और बच्चों को कठोर दंड देते थे। लेकिन लेखक ने उन्हें अपने घर में बड़े प्यार से अपने तोतों को बादाम खिलाते और उनसे बातें करते देखा था। तोतों के प्रति उनका यह वात्सल्य और प्रेम यह सिद्ध करता है कि उनके कठोर अनुशासन के पीछे एक कोमल और संवेदनशील हृदय भी था।
खण्ड घ (रचनात्मक लेखन)
महत्वपूर्ण निर्देश: रचनात्मक लेखन (Creative Writing)
प्रश्र 12, 13, 14, 15 और 16 रचनात्मक लेखन हैं, जिस पर विद्यार्थी अपने विचार के अनुसार उत्तर लिख सकता है।
इस खण्ड में अनुच्छेद लेखन, पत्र लेखन, सूचना लेखन, विज्ञापन और ई-मेल लेखन शामिल हैं। इनका उत्तर देते समय अपनी रचनात्मकता का प्रयोग करें और प्रश्न में दिए गए संकेत-बिंदुओं को आधार बनाकर अपनी भाषा-शैली में उत्तर लिखें।
🟢 Question Paper Code: 4/2/3 Solution
खण्ड - क (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (प्लास्टिक प्रदूषण)
- (i) (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत।
- (ii) (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुनः उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।
- (iii) (A) प्लास्टिक कचरा।
- (iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने 'एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति' (इस्तेमाल करो और फेंको) को जन्म दिया है। इसके दुष्परिणाम यह हैं कि प्लास्टिक कचरा कभी नष्ट नहीं होता, जिससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और पशु-पक्षियों व प्रकृति को भारी नुकसान पहुँच रहा है।
- (v) प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम के लिए आम आदमी को अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। जब नागरिक प्लास्टिक के विकल्पों को तलाशेंगे, कचरे का सही प्रबंधन (जैसे सूखा और गीला कचरा अलग करना) करेंगे और इसे अपना कर्तव्य समझेंगे, तभी इस समस्या का समाधान संभव है।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (साइकिल और स्वास्थ्य)
- (i) (A) देश की आम जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन।
- (ii) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iii) (D) आर्थिक समानता को बढ़ावा देती है।
- (iv) साइकिल शून्य-कार्बन (Zero-carbon) उत्सर्जन के साथ चलती है। यह जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं करती, जिससे वायु प्रदूषण नहीं होता और पर्यावरण स्वच्छ रहता है।
- (v) आधुनिकता की दौड़ और तेज़ रफ़्तार के आकर्षण के कारण लोग साइकिल को कम प्राथमिकता देते हैं। समाज में इसे अक्सर पिछड़ेपन या कमज़ोर आर्थिक स्थिति का प्रतीक मान लिया जाता है, जिसके कारण लोग इसके स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लाभों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
खण्ड - ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध
- संज्ञा पदबंध (क्योंकि मुख्य शब्द 'रोटियाँ' संज्ञा है)।
- वाक्य में मुख्य क्रिया और सहायक क्रियाएँ मिलकर जो शब्द-समूह बनाती हैं, उसे क्रिया पदबंध कहते हैं। यह प्रायः वाक्य के अंत में आता है। उदाहरण: वह बाज़ार जा रहा है।
- सर्वनाम पदबंध (कठोर परिश्रम करने वाले तुम)।
- विशेषण पदबंध (यह 'बत्ती' की विशेषता बता रहा है)।
- क्रिया-विशेषण पदबंध (यह गुनगुनाने की रीति/ढंग बता रहा है)।
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण
- सरल वाक्य: आकाश में एक भी बादल न होने पर भी पानी बरस रहा है।
- मिश्र वाक्य को सरल वाक्य में बदलते समय मुख्य और आश्रित उपवाक्यों को जोड़कर एक ही मुख्य क्रिया में बदल दिया जाता है। उदाहरण: मिश्र - 'जैसे ही वर्षा हुई, मोर नाचने लगे।' सरल - 'वर्षा होते ही मोर नाचने लगे।'
- मिश्र वाक्य: क्योंकि ठंड अधिक है, इसलिए उसकी अंगुलियाँ नहीं चल रही हैं।
- संयुक्त वाक्य: गौरैया बंदरगाह की ओर गई और जहाज़ पर बैठ गई।
- सरल वाक्य।
प्रश्न 5: समास
- बहुव्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अर्थ की ओर संकेत करते हैं। उदाहरण: पीतांबर (पीले हैं अंबर जिसके - अर्थात् कृष्ण)।
- महान है जो संग्राम — कर्मधारय समास।
- कायदे के अनुसार — अव्ययीभाव समास।
- 'नीलगगन' में 'नील' विशेषण है और 'गगन' विशेष्य है। चूँकि इसमें विशेषण-विशेष्य का संबंध है, इसलिए यह कर्मधारय समास है।
- पाँच वटों (वृक्षों) का समूह — द्विगु समास।
प्रश्न 6: मुहावरे
- हमारे प्रधानाचार्य जी ने घाट-घाट का पानी पिया हुआ है...
- फूँक-फूँक कर कदम रखना: बहुत सावधानी बरतना। वाक्य: व्यापार में एक बार धोखा खाने के बाद, सोहन अब हर काम में फूँक-फूँक कर कदम रखता है।
- सिर पर तलवार लटकना।
- हवाई किले बनाना: काल्पनिक योजनाएँ बनाना। वाक्य: सफलता मेहनत से मिलती है, केवल हवाई किले बनाने से कुछ हासिल नहीं होगा।
- आँख फाड़ कर देखना: बहुत आश्चर्य या क्रोध से देखना। / आँखें ठंडी होना: बहुत अधिक शांति, संतोष या सुख मिलना।
खण्ड - ग (पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक)
प्रश्न 7: पूरक पाठ्य-पुस्तक 'संचयन' पर आधारित प्रश्न
(i) 'हरिहर काका' कहानी के आधार पर: हरिहर काका प्रारंभ में बहुत सीधे-सादे और भोले थे, जो अपने भाइयों और धर्म पर अटूट विश्वास रखते थे। परंतु जब उनके भाइयों और ठाकुरबारी के महंत, दोनों ने उनकी ज़मीन हड़पने के लिए छल, कपट और शारीरिक यातनाओं का सहारा लिया, तो काका को संसार के स्वार्थी और लालची रूप का साक्षात्कार हुआ। अपनों के धोखे और कड़वे अनुभवों ने उन्हें मौन, चतुर और ज्ञानी बना दिया कि दुनिया में सब कुछ स्वार्थ के लिए होता है।
(ii) 'टोपी शुक्ला' कहानी के आधार पर: टोपी के मुँह से 'अम्मी' शब्द सुनकर उसके कट्टर हिंदू परिवार में हड़कंप मच गया। उसकी दादी को लगा जैसे धर्म भ्रष्ट हो गया हो और उसकी माँ भी अत्यधिक क्रोधित हुई। उनके लिए यह शब्द एक दूसरी संस्कृति (इफ़्फ़न के घर) के प्रभाव का प्रतीक था, जिसे वे अपने घर की मर्यादा के विरुद्ध मानते थे। इस प्रतिक्रिया से परिवार की संकुचित मानसिकता और परंपरावादी सोच का पता चलता है।
प्रश्न 8: पठित गद्यांश (वज़ीर अली)
- (i) (C) वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए।
- (ii) (A) उसे अपनी वीरता और बहादुरी पर दृढ़ विश्वास था।
- (iii) (A) वज़ीर रूपी सवार को न पहचानने के कारण।
- (iv) (A) सवार का रूप धारण करके।
- (v) (A) साहस।
प्रश्न 9: निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'बड़े भाई साहब' पाठ के आधार पर: मोह और माया के बंधन में जकड़े व्यक्ति का उदाहरण यह समझाने के लिए दिया गया है कि केवल किताबी ज्ञान प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। सच्चा ज्ञान वह है जो हमें जीवन की वास्तविकताओं, कर्तव्यों और अनुभवों की समझ दे। बड़े भाई साहब बताना चाहते थे कि बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ हासिल करने के बाद भी यदि मनुष्य सांसारिक मायाजाल में फँसा है, तो उसकी शिक्षा व्यर्थ है।
(ii) 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर: 26 जनवरी 1931 को कोलकाता में अद्भुत उत्साह था। पूरे शहर को झंडों से सजाया गया था। मोनुमेंट के नीचे बड़ी सभा और जुलूसों का आयोजन हुआ। पुलिस की सख़्ती और लाठीचार्ज के बावजूद हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए थे। लोगों में आज़ादी के प्रति एक नई उमंग और राष्ट्रभक्ति की नवीनता दिखाई दे रही थी।
(iii) 'तताँरा-वामीरो कथा' के आधार पर: 'पशु-पर्व' से अभिप्राय उस उत्सव से है जिसमें पशुओं का प्रदर्शन, उनकी कुश्ती या शक्ति प्रदर्शन किया जाता था। मेरे विचार में, मनोरंजन के लिए पशुओं का उपयोग करना और समाज में जाति या गाँव के आधार पर कठोर बंधन रखना अनुचित है। ऐसी परंपराएँ जो प्रेम और मानवीय भावनाओं के मार्ग में बाधा बनें, उन्हें बदला जाना ही उचित है।
प्रश्न 10: पठित काव्यांश (मीरा के पद)
- (i) (C) अपने दुखों को हरने की।
- (ii) (B) प्रहलाद की रक्षा के लिए।
- (iii) (A) श्रीकृष्ण की भक्तवत्सलता को दर्शाने हेतु।
- (iv) (A) दास्य भाव की।
- (v) (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 11: निर्धारित कविताओं के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर: कवि ने प्रकृति को मानवीय क्रियाकलाप करते हुए दिखाया है, जैसे: 1. पर्वत अपने हज़ारों पुष्प-रूपी आँखों से नीचे झील में अपना प्रतिबिंब देख रहा है। 2. पर्वतों से बहते झरने पर्वतों का गौरव-गान गाते हुए प्रतीत होते हैं।
(ii) 'आत्मत्राण' कविता के आधार पर: कवि ईश्वर से यह प्रार्थना नहीं करता कि उसके जीवन से कष्ट दूर हो जाएँ, बल्कि वह उन कष्टों को सहने और उन पर विजय पाने की शक्ति माँगता है। इससे कवि के स्वाभिमानी, साहसी और आत्मनिर्भर व्यक्तित्व का पता चलता है। वह दुखों से भागना नहीं, बल्कि अपने पुरुषार्थ से उन्हें जीतना चाहता है।
(iii) कबीर की 'साखी' के आधार पर: कबीर ने 'कस्तूरी मृग' का उदाहरण दिया है जो कस्तूरी की सुगंध को पूरे वन में ढूँढता फिरता है, जबकि वह उसकी अपनी नाभि में होती है। इसके माध्यम से कवि ने यह स्पष्ट किया है कि ईश्वर कण-कण में और प्रत्येक मनुष्य के हृदय में व्याप्त है, परंतु लोग उसे अज्ञानवश मंदिर-मस्जिदों में बाहर खोजते हैं।
खण्ड - घ (रचनात्मक लेखन)
रचनात्मक लेखन निर्देश
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना:
प्रश्न संख्या 12, 13, 14, 15 रचनात्मक लेखन है, जिस पर विद्यार्थी अपने विचार के अनुसार उत्तर लिख सकता है। इस खंड में अनुच्छेद लेखन, पत्र, सूचना और विज्ञापन शामिल होते हैं, जहाँ आपकी मौलिकता और भाषा के सटीक प्रयोग पर अंक दिए जाते हैं।
🔥 Set 3 - Answer Key 2026
🟢 Question Paper Code: 4/3/1 Solution
खंड – क (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (भूजल और प्राकृतिक आपदा)
- (i) (A) भूजल का अतिदोहन
- (ii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iii) (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव
- (iv) भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण पानी वापस धरती में नहीं पहुँच पा रहा है, जिससे भूजल स्तर गिर रहा है और पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकने लगी है।
- (v) प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए हमें प्रकृति के साथ की जा रही छेड़छाड़ और मानवीय लालच पर नियंत्रण करना होगा तथा गांधीजी के संदेश (प्रकृति सबकी तृष्णा पूरी नहीं कर सकती) को जीवन में उतारना होगा।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (किडल्टिंग और डोपामाइन लैंड)
- (i) (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना
- (ii) (C) बड़ों के खेलने के लिए निर्मित स्थान
- (iii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv) बड़ी कंपनियाँ अपने कर्मचारियों का तनाव और डिजिटल थकान दूर करने के लिए ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं ताकि उनमें स्फूर्ति और रचनात्मकता बनी रहे।
- (v) आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी, अकेलेपन और स्क्रीन (मोबाइल/कंप्यूटर) के अत्यधिक उपयोग से उपजे तनाव से राहत पाने के लिए 'किडल्टिंग' की आवश्यकता महसूस हो रही है।
खंड – ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध
- 'गुलाब की तरह मुसकराने वाले **तुम** आज उदास क्यों हो?' – सर्वनाम पदबंध: गुलाब की तरह मुसकराने वाले तुम
- 'अब यह कारवाँ इन जंगलों में **कई साल से** भटक रहा है।' – क्रिया-विशेषण पदबंध (कालवाचक)
- '**पक्षियों की सायंकालीन चहचहाहटें** शनैः-शनैः क्षीण हो गईं।' – संज्ञा पदबंध
- 'मास्टर साहब एक लड़के को उसके घर जाकर **पढ़ाया करते थे**।' – क्रिया पदबंध। (कारण: यह एकाधिक क्रिया पदों का समूह है जो वाक्य में मुख्य क्रिया का कार्य कर रहा है।)
- 'पास में एक **सुंदर और बलशाली ** रहता करता था।' – विशेषण पदबंध
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण
- संयुक्त वाक्य ("इसलिए" योजक शब्द का प्रयोग)।
- संयुक्त वाक्य: ग्वालियर में हमारा मकान था और उसके दालान में दो रोशनदान थे।
- सरल वाक्य (एक ही मुख्य क्रिया है)।
- मिश्र वाक्य: जैसे ही खड़े होने की जगह कम पड़ी, उसे गुस्सा आ गया।
- सरल वाक्य: गिन्नी का सोना शुद्ध सोने से मज़बूत होने के कारण औरतें इसी से गहने बनवाती हैं।
प्रश्न 5: समास
- अव्ययीभाव समास: जिसका पहला पद अव्यय (प्रधान) हो। उदाहरण: यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)।
- ‘भाषा-प्रयोग’: तत्पुरुष समास (सम्बन्ध तत्पुरुष: भाषा का प्रयोग)।
- 'महाकवि': महान है जो कवि — कर्मधारय समास।
- बहुव्रीहि समास: इसमें कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि अन्य पद (तीसरा अर्थ) प्रधान होता है।
- दो पहरों का समूह: दोपहर — द्विगु समास।
प्रश्न 6: मुहावरे
- 'ज़हर लगना': जब श्याम ने भरी सभा में अपने मित्र का अपमान किया, तो उसकी बातें सबको ज़हर लगने लगीं।
- मुहावरा: आँखें खुलना (वास्तविकता से परिचित होना)।
- रिक्त स्थान: '...हरिहर काका के बदन में आग लग गई।'
- अर्थ: 'दिमाग होना' का अर्थ है बुद्धिमान/घमंडी होना। 'दिमाग चकराना' का अर्थ है कुछ समझ न आना।
- 'फूटी आँख न सुहाना': अर्थ: बिल्कुल भी अच्छा न लगना। वाक्य: रमन इतना आलसी है कि वह अपनी माँ को फूटी आँख नहीं सुहाता।
खंड – ग (पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक)
प्रश्न 7: पठित गद्यांश (तताँरा-वामीरो कथा)
- (i) (C) वह समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे, क्या न करे।
- (ii) (A) सार्वजनिक रूप से अपमानित होने के भय से
- (iii) (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
- (iv) (B) सामूहिक भोज का आयोजन
- (v) (C) वामीरो की माँ
प्रश्न 8: निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर लघु प्रश्न
(i) 'चा-नो-यू' परंपरा: इसमें शांति और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाता है। जब व्यक्ति शांत वातावरण में धीरे-धीरे चाय पीता है, तो उसके मन की गति धीमी हो जाती है और वह वर्तमान क्षण में जीने लगता है। भूत और भविष्य की चिंताएँ समाप्त हो जाने से उसे असीम शांति और आत्मबोध की अनुभूति होती हैं।
(ii) लेखक की माँ के विचार: वे प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील थीं। उनका मानना था कि यह धरती केवल मनुष्यों की नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों की भी है। वे कहती थीं कि शाम को पेड़ों से पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। उनके अनुसार, प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करना ईश्वर को नाराज़ करना है।
(iii) बड़े भाई साहब: बड़े भाई साहब अपने छोटे भाई के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहते थे। इस ज़िम्मेदारी के कारण वे अपनी उम्र की स्वाभाविक इच्छाओं, जैसे खेल-कूद और पतंगबाज़ी को दबा देते थे। बड़प्पन के भारी बोझ ने उनका बचपन समय से पहले ही छीन लिया था।
(iv) विद्यार्थियों की भागीदारी: 26 जनवरी 1931 के उत्सव में विद्यार्थियों को शामिल करना पूरी तरह उचित था। इससे उनमें देशप्रेम, साहस और राष्ट्रीयता की भावना जागृत हुई। युवाओं की भागीदारी ने ब्रिटिश सरकार को यह दिखा दिया कि भारतीय स्वतंत्रता के लिए एकजुट हैं।
प्रश्न 9: पठित काव्यांश (मनुष्यता)
- (i) (C) स्वयं के साथ समाज का उत्थान
- (ii) (C) खुशी के साथ
- (iii) (A) हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना।
- (iv) (D) वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे
- (v) (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
प्रश्न 10: निर्धारित कविताओं के आधार पर लघु प्रश्न
(i) 'पर्वत प्रदेश में पावस': इसका आशय यह है कि पर्वत अपने चरणों में बने तालाब (दर्पण) में अपने विशाल रूप और उस पर खिले हज़ारों पुष्प रूपी आँखों से अपनी सुंदरता को बार-बार निहार रहा है। यह प्रकृति के सौंदर्य और उसके आत्म-मुग्ध रूप को दर्शाता है।
(ii) तोप को चमकाने के कारण: तोप को 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर चमकाया जाता है। इसके संभावित कारण यह हैं कि यह हमारी ऐतिहासिक धरोहर है जो हमें याद दिलाती है कि एक समय यह कितनी शक्तिशाली थी, और हमें अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हमेशा सचेत रहना चाहिए।
(iii) सैनिकों के संकट: सैनिकों को सीमाओं पर कँपकँपाती ठंड, जमती हुई नसों, दुश्मन की गोलियों और दुर्गम रास्तों जैसे कठिन संकटों का सामना करना पड़ता है। देश की रक्षा के लिए उन्हें अपने प्राणों का बलिदान भी देना पड़ता है।
(iv) मीरा को सेवा के लाभ: मीरा को श्रीकृष्ण की सेवा से तीन लाभ होंगे— प्रभु के दर्शन प्राप्त होंगे, कृष्ण के नाम का स्मरण करने का अवसर मिलेगा और उनकी भक्ति रूपी जागीर बढ़ती जाएगी, जिससे उन्हें परम सुख की प्राप्ति होगी।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्य-पुस्तक (संचयन) पर आधारित प्रश्न
(i) टोपी शुक्ला: टोपी को अपने घर में वह प्यार नहीं मिलता था जिसकी उसे तलाश थी। इफ़्फ़न के घर में उसे इफ़्फ़न की दादी का अपार स्नेह और कहानियाँ मिलती थीं। अपनी भावनात्मक प्यास बुझाने के लिए वह इफ़्फ़न की हवेली की ओर खिंचा चला जाता था।
(ii) पढ़ाई में रुचि: पाठ में लेखक के साथियों की पढ़ाई में रुचि नहीं थी क्योंकि उस समय शिक्षा का माहौल कड़ा था और मास्टर साहब का व्यवहार सख्त था। आज रोचक शिक्षण विधियों और माता-पिता की जागरूकता के कारण बच्चों का रुझान पढ़ाई की ओर बढ़ा है।
(iii) हरिहर काका: यदि हरिहर काका अपनी पंद्रह बीघे ज़मीन ठाकुरबारी के नाम कर देते, तो इससे ठाकुरबारी की संपत्ति में भारी वृद्धि होती। महंत जी का वर्चस्व बढ़ जाता और वे धर्म की आड़ में उस ज़मीन का उपयोग अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए करते।
खंड – घ (रचनात्मक लेखन)
महत्वपूर्ण सूचना (Creative Writing)
प्रश्र 12, 13, 14, 15 और 16 रचनात्मक लेखन पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का कोई निश्चित उत्तर नहीं होता, क्योंकि यह पूरी तरह से विद्यार्थी की अपनी कल्पनाशीलता और लेखन क्षमता पर निर्भर करता है। अतः विद्यार्थी दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर अपने विचारों के अनुसार इन प्रश्नों के उत्तर स्वयं लिखें।
🟢 Question Paper Code: 4/3/2 Solution
खंड – क (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (किडलटिंग)
- (i) (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना।
- (ii) (C) बड़ों के खेलने के लिए निर्मित स्थान।
- (iii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv) बड़ी कंपनियाँ इन गतिविधियों को इसलिए बढ़ावा दे रही हैं ताकि कर्मचारियों का तनाव दूर हो सके और उनके अंदर की सृजनात्मकता और खुशी लौट सके।
- (v) वर्तमान में 'किडलटिंग' की आवश्यकता इसलिए महसूस हो रही है क्योंकि लोग मशीनी जीवन और डिजिटल स्क्रीन से ऊब चुके हैं और मानसिक शांति के लिए बचपन की सरल खुशियों की ओर लौटाना चाहते हैं।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (प्राकृतिक आपदा और भूजल)
- (i) (A) भूजल का अतिदोहन।
- (ii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iii) (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव।
- (iv) भूजल के बड़े पैमाने पर दोहन से पृथ्वी के द्रव्यमान का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे पृथ्वी अपने अक्ष (axis) पर झुकने लगी है।
- (v) प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए प्रकृति के साथ छेड़छाड़ बंद करना और मानवीय लालच पर नियंत्रण करना अनिवार्य है।
खंड – ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध
- (i) 'हममें से कोई' — सर्वनाम पदबंध
- (ii) 'दिन मे कई बार' — क्रियाविशेषण पदबंध
- (iii) 'फ़िल्म की असफलता' — संज्ञा पदबंध
- (iv) 'बैठकर समुद्र को निहारने लगा' — क्रिया पदबंध (कारण: यहाँ मुख्य क्रिया और सहायक क्रियाएँ मिलकर एक पद का काम कर रही हैं।)
- (v) 'एशिया के सबसे बड़े शोमैन के रूप में' — विशेषण पदबंध (या संज्ञा पदबंध)
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण
- (i) संयुक्त वाक्य (क्योंकि 'इसलिए' योजक शब्द का प्रयोग हुआ है।)
- (ii) दूसरे दिन वह स्कूल में इफ़्फ़न से मिला और उसने उसे सारी बातें बता दीं।
- (iii) चूँकि कर्नल पर उसका रौब था, इसलिए उसके मुँह से शब्द नहीं निकल रहे थे।
- (iv) लेकिन तीसरी कसम को प्रदर्शित करने के लिए बमुश्किल वितरक मिलना एक दुखद सत्य है।
- (v) मिश्र वाक्य (क्योंकि 'कि' उपवाक्य को जोड़ रहा है।)
प्रश्न 5: समास
- (i) द्वंद्व समास: जिस समास में दोनों पद प्रधान हों। उदाहरण: माता-पिता (माता और पिता)।
- (ii) बहुब्रीहि समास (षडानन अर्थात कार्तिकेय)।
- (iii) विग्रह: दिन-दिन या हर दिन। समास का नाम: अव्ययीभाव समास।
- (iv) तत्पुरुष समास का उत्तर पद (दूसरा पद) प्रधान होता है।
- (v) समस्तपद: दया-प्रवाह। समास का नाम: कर्मधारय समास।
प्रश्न 6: मुहावरे
- (i) दिल पसीजना: असहाय वृद्ध की हालत देखकर मेरा दिल पसीज गया।
- (ii) जले पर नमक छिड़कना।
- (iii) ठाकुरबारी की छत से रोड़े-पत्थर गिरने पर गाँव वाले दुम दबाकर भाग गए।
- (iv) रात दिन एक करना: कठिन परिश्रम करना। वाक्य: बोर्ड परीक्षा में प्रथम आने के लिए सुमित ने रात दिन एक कर दिया।
- (v) पानी-पानी होना: बहुत शर्मिंदा होना। पानी फेर देना: काम बिगाड़ देना।
खंड – ग (पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक)
प्रश्न 7: काव्यांश (मनुष्यता)
- (i) (C) स्वयं के साथ समाज का उत्थान।
- (ii) (C) खुशी के साथ (सहर्ष खेलते हुए)।
- (iii) (A) हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना।
- (iv) (C) तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे।
- (v) (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है।
प्रश्न 8: निर्धारित कविताओं पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) ‘पर्वत प्रदेश में पावस’ के आधार पर पंक्ति का आशय:
"अवलोक रहा है बार-बार" पंक्ति का आशय है कि विशाल आकार वाला पर्वत अपने चरणों में स्थित तालाब के स्वच्छ जल रूपी दर्पण में अपने पुष्प रूपी हज़ारों नेत्रों से अपनी ही भव्य छवि को बार-बार निहार रहा है। यह प्रकृति की सुंदरता और पर्वत के गौरव को दर्शाता है।
(ii) ‘तोप’ को चमकाने के कारण:
तोप को साल में दो बार (संभवतः 15 अगस्त और 26 जनवरी को) इसलिए चमकाया जाता है ताकि वह हमारे गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाती रहे। यह इस बात का प्रतीक है कि भले ही आज वह शांत है, पर कभी उसने बड़े-बड़े सूरमाओं के छक्के छुड़ा दिए थे।
(iii) ‘कर चले हम फ़िदा’ के अनुसार सैनिकों के संकट:
देश की रक्षा की सीमा पर सैनिकों को शून्य से नीचे के तापमान (बर्फबारी), साँस थमने की स्थिति (ऑक्सीजन की कमी), दुश्मन की गोलियों का सामना और मौत के साए में रहने जैसे कठिन संकटों से गुज़रना पड़ता है, फिर भी वे अपनी मातृभूमि के मान को कम नहीं होने देते।
(iv) मीरा को कृष्ण की सेवा से होने वाले लाभ:
मीरा के अनुसार कृष्ण की सेवा (चाकरी) करने से उन्हें तीन लाभ प्राप्त होंगे—पहला, उन्हें कृष्ण के दर्शन का अवसर मिलेगा; दूसरा, वे कृष्ण के नाम का स्मरण कर पाएँगी; और तीसरा, उन्हें भक्ति रूपी जागीर (संपत्ति) प्राप्त होगी।
प्रश्न 9: निर्धारित गद्य पाठों पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) ‘झेन की देन’ और आत्मबोध:
‘चा-नो-यू’ जैसी परंपराएँ व्यक्ति को वर्तमान क्षण में जीना सिखाती हैं। चाय पीने की इस शांत प्रक्रिया में मन की भागदौड़ थम जाती है और केवल वर्तमान शेष रहता है। जब हम भूत और भविष्य की चिंताओं से मुक्त होते हैं, तभी हमें वास्तविक ‘आत्मबोध’ (स्वयं का ज्ञान) होता है।
(ii) लेखक की माँ के विचार:
लेखक की माँ का विचार था कि यह धरती केवल मनुष्यों की नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और पेड़ों की भी है। आज के संदर्भ में यह विचार अत्यंत प्रासंगिक है क्योंकि मनुष्य अपने स्वार्थ में प्रकृति का विनाश कर रहा है। सह-अस्तित्व की भावना ही पर्यावरण संतुलन के लिए अनिवार्य है।
(iii) ‘बड़े भाई साहब’ और समय से पूर्व ज़िम्मेदारियाँ:
बड़े भाई साहब अपने छोटे भाई के सामने एक आदर्श उदाहरण पेश करना चाहते थे। इस ज़िम्मेदारी के बोझ तले उन्होंने अपना खेलना-कूदना और पतंग उड़ाना जैसे बचपन के शौक छोड़ दिए। उनकी इसी गंभीरता ने उनके बचपन की सहजता को छीन लिया और उन्हें समय से पहले बड़ा बना दिया।
(iv) 26 जनवरी 1931 और विद्यार्थी:
हाँ, विद्यार्थियों को शामिल करना उचित था। इससे उनमें देशप्रेम, अनुशासन और संघर्ष की भावना पैदा हुई। विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि स्वतंत्रता का आंदोलन केवल बड़ों का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का सामूहिक संकल्प है।
प्रश्न 10: पठित गद्यांश (तताँरा-वामीरो कथा)
- (i) (C) वह समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे, क्या न करे।
- (ii) (A) सार्वजनिक रूप से अपमानित होने के भय से।
- (iii) (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
- (iv) (B) सामूहिक भोज का आयोजन।
- (v) (C) वामीरो की माँ।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्य-पुस्तक (संचयन) पर आधारित प्रश्न
(i) वृद्धावस्था और ‘हरिहर काका’:
वर्तमान की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में वृद्धों के लिए समाज में प्रेम, सम्मान और सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्हें केवल भौतिक सुविधाएँ ही नहीं, बल्कि अपनों का साथ और भावनात्मक सहारा चाहिए। हरिहर काका जैसे हालात न हों, इसके लिए पारिवारिक मूल्यों को पुनर्जीवित करना और वृद्धों के अधिकारों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।
(ii) ‘सपनों के-से दिन’ और पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियाँ:
पाठ के आधार पर, स्कूल में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि स्काउटिंग, पी.टी. और खेलकूद जैसी गतिविधियाँ पढ़ाई को रोचक बनाती हैं। इनसे बच्चों में टीम भावना, अनुशासन और शारीरिक स्वास्थ्य का विकास होता है, जिससे स्कूल जाना बोझ नहीं बल्कि एक सुखद अनुभव बन जाता है।
(iii) टोपी शुक्ला का इफ़्फ़न के घर जाना:
टोपी अपने घर में अकेलापन महसूस करता था और वहाँ का अनुशासन उसे कठोर लगता था। इफ़्फ़न के घर उसे इफ़्फ़न की दादी से बहुत प्यार मिलता था। दादी की बोली और उनका स्नेह उसे सुकून देता था। इसी भावनात्मक जुड़ाव और ममता की तलाश में वह माँ और दादी के मज़ाक बनाने के बावजूद इफ़्फ़न के घर जाता था।
खंड – घ (रचनात्मक लेखन)
नोट: प्रश्न संख्या 12, 13, 14, 15 रचनात्मक लेखन है, जिसमें पत्र लेखन, अनुच्छेद लेखन, विज्ञापन और ई-मेल शामिल हैं। इन प्रश्नों के उत्तर निश्चित नहीं होते, अतः विद्यार्थी प्रश्न में दिए गए संकेत-बिंदुओं और अपनी वैचारिक क्षमता के अनुसार इनका उत्तर स्वयं लिख सकते हैं।
🟢 Question Paper Code: 4/3/3 Solution
🔥 Set 4 - Answer Key 2026
🟢 Question Paper Code: 4/4/1 Solution
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (जल-संकट)
- (i) (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
- (ii) (D) बढ़ती हुई आबादी के कारण।
- (iii) (C) जल स्रोतों का सुनियोजित उपयोग।
- (iv) इसका आशय यह है कि हम जानते हैं कि पानी की एक-एक बूंद कीमती है, फिर भी हम दैनिक कार्यों में उसे लापरवाही से बहाकर नष्ट कर रहे हैं।
- (v) उद्योगों से निकलने वाले कचरे, रसायनों और प्लास्टिक को नदियों व झीलों में फेंकने के कारण पेयजल की गुणवत्ता और उपलब्धता कम हो रही है।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (समय का सदुपयोग)
- (i) (B) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (ii) (C) (I), (II) और (III) सही हैं।
- (iii) (A) अकर्मण्य और आलसी लोगों की।
- (iv) समय व्यर्थ गँवाने से व्यक्ति को असफलता, थकान, असंतोष और नकारात्मकता का सामना करना पड़ता है।
- (v) जीवन समय से ही बना है और खोया हुआ अवसर दोबारा नहीं आता, इसलिए हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है।
खंड – ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध
- सर्वनाम पदबंध
- संज्ञा पदबंध
- क्रिया-विशेषण पदबंध
- विशेषण पदबंध
- क्रिया पदबंध
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण
- संयुक्त वाक्य।
- जैसे ही मेरी माँ ने उनको दुखी देखा, उनकी आँखों में भी आँसू आ गए।
- कंपनी ने वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने का हुक्म दिया है।
- कार-निकोबार आपस में जुड़े हुए थे और वहाँ एक सुंदर सा गाँव था।
- सरल वाक्य।
प्रश्न 5: समास
- कर्मधारय समास में 'उत्तर पद' प्रधान होता है। उदाहरण: नीलकमल (नीला है जो कमल)।
- विग्रह: विनाश की लीलाएँ। भेद: तत्पुरुष समास।
- अव्ययीभाव समास।
- समस्तपद: चक्रपाणि। भेद: बहुव्रीहि समास।
- द्विगु समास का पहला पद संख्यावाचक होता है। उदाहरण: चौराहा (चार राहों का समूह)।
प्रश्न 6: मुहावरे
- चिकनी-चुपड़ी बातें करना: स्वार्थी लोग अपना काम निकालने के लिए चिकनी-चुपड़ी बातें करते हैं।
- कलेजा मुँह को आ गया।
- दिन गिनना: परीक्षा परिणाम आने से पहले छात्र बेचैनी से दिन गिनते हैं।
- अंधे के हाथ बटेर लगना।
- 'बातें बनाना' का अर्थ है बहाने बनाना, जबकि 'बातों में आना' का अर्थ है किसी के बहकावे में आ जाना।
खंड – ग (पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक)
प्रश्न 7: पठित गद्यांश (अब कहाँ दूसरे के दुख में दुखी होने वाले)
- (i) (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्त्वों से दूरी।
- (ii) (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा।
- (iii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv) (B) विकास-दर में वृद्धि।
- (v) (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे।
प्रश्न 8: निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) तताँरा की लोकप्रियता का कारण: तताँरा अपने व्यवहार के कारण द्वीपवासियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय था। वह एक नेक, मिलनसार और मददगार व्यक्ति था। वह सदैव दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहता था और मुसीबत के समय दूर-दूर से पहुँचकर लोगों की मदद करता था। उसकी त्याग की भावना और परोपकारी स्वभाव ने उसे सबका प्रिय बना दिया था।
(ii) समाज का पतन और कारण: 'गिन्नी का सोना' पाठ के आधार पर, जो लोग केवल अपने स्वार्थ और 'प्रैक्टिकल' (व्यावहारिक) होने पर ध्यान देते हैं, वे समाज के पतन का कारण बनते हैं। जब लोग आदर्शों को छोड़कर केवल लाभ-हानि का गणित लगाने लगते हैं, तब समाज से नैतिकता और मानवीय मूल्य समाप्त हो जाते हैं।
(iii) 'तीसरी कसम' फिल्म की सफलता: व्यावसायिक दृष्टि से असफल होने के बावजूद 'तीसरी कसम' एक सफल फिल्म थी क्योंकि यह कलात्मक और संवेदनाओं से भरी उत्कृष्ट कृति थी। इसमें मानवीय भावनाओं का बहुत ही सूक्ष्म और सहज चित्रण किया गया था।
(iv) संगठित समाज का संकल्प: 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर, 26 जनवरी 1931 को कोलकाता में ब्रिटिश सरकार के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद जनता ने संगठित होकर स्वतंत्रता दिवस मनाया। यह प्रमाण है कि यदि समाज ठान ले, तो वह असंभव कार्य भी कर सकता है।
प्रश्न 9: पठित काव्यांश (पर्वत प्रदेश में पावस)
- (i) (D) झाँकना।
- (ii) (B) झाग भरे झरनों की।
- (iii) (C) बादल रहित शांत आकाश।
- (iv) (A) वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं।
- (v) (D) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
प्रश्न 10: निर्धारित कविताओं के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न
(i) 'अखंड आत्म भाव' के लाभ: 'मनुष्यता' कविता के अनुसार, अखंड आत्म भाव रखने से समाज में भेदभाव मिट जाता है। इससे आपसी मेल-जोल बढ़ता है, युद्ध और घृणा समाप्त होती है और मनुष्य एक-दूसरे की प्रगति में सहायक बनता है।
(ii) प्रभु प्राप्ति में बाधा: कबीर ने प्रभु प्राप्ति में 'अहंकार' (मैं) को सबसे बड़ी बाधा बताया है। अहंकार मिटने पर ही ईश्वर का ज्ञान और प्रकाश हृदय में प्रवेश करता है।
(iii) 'आत्म त्राण' में कवि की चाह: संकट के समय अपनों का साथ न मिलने पर भी कवि घबराना नहीं चाहता। वह ईश्वर से यह प्रार्थना करता है कि चाहे कोई मदद न करे, पर उसकी हिम्मत न टूटे।
(iv) 'राम भी तुम, तुमही लक्ष्मण...' का आशय: इसका आशय यह है कि शहीद होते सैनिक देश की रक्षा का भार देश के युवाओं के हाथों में सौंप रहे हैं। अब देश की सीमा की रक्षा के लिए युवाओं को ही राम और लक्ष्मण बनना होगा।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्य पुस्तक 'संचयन' पर आधारित प्रश्न
(i) 'टोपी शुक्ला' के आधार पर अपनापन: अपनापन धर्म या जाति नहीं, बल्कि दिल का रिश्ता देखता है। टोपी को इफ़्फ़न की दादी से जो प्यार मिला, वह उसके अपने घर में भी नहीं मिला।
(ii) शिक्षा के प्रति अरुचि: 'सपनों के से दिन' पाठ में अभिभावकों का मानना था कि बच्चों को दुकान या खेती के काम में ही लगना है। आज दृष्टिकोण बदल चुका है और शिक्षा को व्यक्तित्व विकास के लिए अनिवार्य माना जाता है।
(iii) महंत की चालबाजी: ठाकुरबारी के महंत का मुख्य उद्देश्य हरिहर काका की कीमती ज़मीन को ठाकुरबारी के नाम करवाना था। वह सत्ता और संपत्ति का सुख भोगने के लिए हिंसा पर उतर आया था।
खंड – घ (रचनात्मक लेखन)
प्रश्र 12, 13, 14, 15 रचनात्मक लेखन है .. जिस पर विद्यार्थी अपने विचार के अनुसार उत्तर लिख सकता है। इन प्रश्नों में अनुच्छेद लेखन, पत्र लेखन, सूचना और विज्ञापन शामिल हैं, जहाँ आपकी मौलिकता और प्रस्तुतीकरण को महत्व दिया जाता है।
🟢 Question Paper Code: 4/4/2 Solution
[यहाँ Code 4/4/2 का पूरा हल (HTML code) Paste करें]
🟢 Question Paper Code: 4/4/3 Solution
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (जल-संकट)
(i) विकल्प (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
(ii) विकल्प (D) बढ़ती हुई आबादी के कारण।
(iii) विकल्प (C) जल स्रोतों का सुनियोजित उपयोग।
(iv) उत्तर: 'पानी को बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ कर रहे हैं' - इस कथन का आशय है कि जल एक सीमित संसाधन है, लेकिन मनुष्य इसकी महत्ता को समझे बिना इसे अपनी सुख-सुविधाओं, उद्योगों और लापरवाही के कारण बर्बाद कर रहा है। भविष्य की चिंता किए बिना जल का अति-दोहन किया जा रहा है।
(v) उत्तर: पेयजल की उपलब्धता में निरंतर गिरावट के मुख्य कारण हैं - तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या के कारण पानी की माँग बढ़ना, भू-जल का अत्यधिक दोहन और नदियों एवं झीलों में औद्योगिक कचरे, रसायनों व प्लास्टिक के कारण बढ़ता प्रदूषण।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (समय का महत्व)
(i) विकल्प (B) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
(ii) विकल्प (D) (I) और (III) सही हैं। (सफल और सार्थक)
(iii) विकल्प (A) अकर्मण्य और आलसी लोगों की।
(iv) उत्तर: समय को व्यर्थ गँवाने के परिणाम स्वरूप व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल रह जाता है। उसके कार्य अधूरे रह जाते हैं और अंत में उसे केवल थकान, असंतोष और पछतावा ही मिलता है।
(v) उत्तर: मानव जीवन एक दुर्लभ उपहार है जो समय के क्षणों से ही बना है। हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग इसलिए आवश्यक है क्योंकि बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता और केवल समय की कद्र करने वाले ही जीवन में सफलता और संतोष का संतुलन बना पाते हैं।
प्रश्न 3: व्यावहारिक व्याकरण (पदबंध)
(i) उत्तर: दूसरों की सहायता करने वाले आप (सर्वनाम पदबंध)
(ii) उत्तर: क्रिया-विशेषण पदबंध (एड़ियों पर अकड़कर चलना)
(iii) उत्तर: संज्ञा पदबंध (साहसिक कारनामे)
(iv) उत्तर: क्रिया पदबंध। कारण: 'बदली होती रहती थी' मुख्य क्रिया और सहायक क्रियाओं का समूह है।
(v) उत्तर: संज्ञा पदबंध।
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण
(i) उत्तर: मिश्र वाक्य।
(ii) उत्तर: टोपी एक कोने में बैठा और रोने लगा। (संयुक्त वाक्य)
(iii) उत्तर: उसकी ऐसी योजना है कि वह किसी तरह नेपाल पहुँच जाए। (मिश्र वाक्य)
(iv) उत्तर: सरल वाक्य।
(v) उत्तर: मुझे उसके इन्हीं जंगलों में होने का अच्छी तरह पता है। (सरल वाक्य)
प्रश्न 5: समास
(i) उत्तर: 'दाल-भात' द्वंद्व समास है क्योंकि इसमें दोनों पद प्रधान हैं और विग्रह करने पर 'और' योजक शब्द (दाल और भात) का प्रयोग होता है।
(ii) उत्तर: विग्रह: पूजा के लिए स्थल। समास का नाम: तत्पुरुष समास।
(iii) उत्तर: बहुव्रीहि समास (पाँच हैं आनन जिसके - शिव)।
(iv) उत्तर: समस्तपद: नियमानुसार। समास का नाम: अव्ययीभाव समास।
(v) उत्तर: उदाहरण: नीलकमल। समास-विग्रह: नीला है जो कमल।
प्रश्न 6: मुहावरे
(i) सिर आँखों पर बिठाना: बहुत आदर-सत्कार करना। वाक्य: ओलंपिक पदक विजेता का पूरे देश ने सिर आँखों पर बिठाकर स्वागत किया।
(ii) उत्तर: चंगुल में फँस / शिकंजे में कस।
(iii) सिर पर नंगी तलवार लटकना: हमेशा खतरा बना रहना। वाक्य: सीमा पर तैनात सैनिकों के सिर पर हमेशा नंगी तलवार लटकी रहती है।
(iv) उत्तर: बैठे-बिठाए मिलना / पकी-पकाई खीर मिलना।
(v) उत्तर: चकरा जाना: हैरान या भौचक्का रह जाना। चक्कर में पड़ना: किसी दुविधा या मुश्किल में फँस जाना।
प्रश्न 7: पद्य खंड (पर्वत प्रदेश में पावस)
(i) विकल्प (D) झाँकना।
(ii) विकल्प (B) झाग भरे झरने की।
(iii) विकल्प (C) बादल रहित शांत आकाश।
(iv) विकल्प (A) वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं।
प्रश्न 8: निर्धारित कविताओं के आधार पर
(i) 'मनुष्यता' कविता के आधार पर 'अखंड आत्म भाव' के लाभ: 'अखंड आत्म भाव' का अर्थ है पूरी मानवता को एक परिवार समझना और सभी में एक ही ईश्वर का अंश देखना। इसके लाभ यह हैं कि इससे समाज से भेदभाव, ईर्ष्या और द्वेष समाप्त हो जाता है। लोग एक-दूसरे की सहायता करते हैं, जिससे सबका कल्याण होता है और मनुष्य मृत्यु के पश्चात भी अपने सत्कर्मों के कारण जीवित रहता है।
(ii) 'साखी' में प्रभु प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा: कबीर ने प्रभु प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा 'अहंकार' (मैं) को बताया है। जब तक मनुष्य के मन में 'मैं' या घमंड रहता है, तब तक उसे ईश्वर के दर्शन नहीं हो सकते। अहंकार और ईश्वर एक साथ नहीं रह सकते; जब मन से अहंकार मिटता है, तभी ज्ञान का दीपक जलता है और ईश्वर का साक्षात्कार होता है।
(iii) 'आत्म त्राण' में संकट का सामना: कवि रवींद्रनाथ ठाकुर संकट के समय अपनों का साथ न मिलने या छले जाने पर भी ईश्वर से यह प्रार्थना नहीं करते कि उनका संकट दूर हो जाए। वे केवल इतनी शक्ति और आत्मविश्वास चाहते हैं कि उनका मन न डगमगाए और उनकी ईश्वर के प्रति श्रद्धा कम न हो। वे अपने पुरुषार्थ और मनोबल से संकट का सामना करना चाहते हैं।
(iv) 'राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियों' का आशय: यह पंक्ति 'कर चले हम फ़िदा' कविता से ली गई है। इसका आशय है कि देश की रक्षा का उत्तरदायित्व अब देश के युवाओं और सैनिकों पर है। जिस प्रकार राम और लक्ष्मण ने सीता (जो यहाँ मातृभूमि का प्रतीक हैं) की रक्षा के लिए अपना सब कुछ अर्पण कर दिया था, वैसे ही अब हर सिपाही को राम और लक्ष्मण बनकर देश की सीमाओं की रक्षा करनी है।
प्रश्न 9: गद्य खंड (अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले)
(i) विकल्प (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्वों से दूरी।
(ii) विकल्प (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा।
(iii) विकल्प (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है।
(iv) विकल्प (B) विकास-दर में वृद्धि।
(v) विकल्प (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे।
प्रश्न 10: निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर
(i) तताँरा-वामीरो कथा के संदर्भ में: वर्तमान परिवेश में यदि कोई तताँरा जैसा व्यवहार करे (बार-बार मना करने पर भी रास्ता रोकना), तो उसे उचित नहीं माना जाएगा। आज के समय में इसे 'स्टॉकिंग' या किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन माना जाता है। किसी की इच्छा के विरुद्ध उसका रास्ता रोकना नैतिक और कानूनी रूप से गलत है।
(ii) 'गिन्नी का सोना' और जागरूक नागरिक: यह पाठ हमें सिखाता है कि केवल 'शुद्ध आदर्श' (सोना) ही नहीं, बल्कि 'व्यावहारिकता' (ताँबा) भी आवश्यक है, लेकिन व्यावहारिकता ऐसी न हो कि आदर्श ही समाप्त हो जाएँ। एक जागरूक नागरिक वही है जो समाज की उन्नति के लिए अपने उच्च नैतिक मूल्यों को बनाए रखे और स्वार्थ से ऊपर उठकर कार्य करे।
(iii) 'तीसरी कसम' फिल्म की व्यावसायिक सफलता संदिग्ध होने के कारण: शैलेंद्र द्वारा बनाई गई 'तीसरी कसम' जैसी फ़िल्में विशुद्ध साहित्यिक और कलात्मक होती हैं। इनमें व्यावसायिक फिल्मों की तरह मिर्च-मसाला, ऊँचे स्वर का संगीत या सजे-धजाए काल्पनिक दृश्य नहीं होते। साधारण दर्शक मनोरंजन के नाम पर यथार्थ से दूर भागना चाहता है, इसलिए ऐसी गहरी और संवेदनशील फ़िल्में अक्सर व्यावसायिक रूप से पिछड़ जाती हैं।
(iv) 'डायरी का एक पन्ना' - प्रतीकात्मक समारोह: 26 जनवरी 1931 को कोलकाता में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस का उत्सव एक प्रतीकात्मक समारोह था। भले ही देश तब स्वतंत्र नहीं था, लेकिन इस आयोजन ने जनता में अपूर्व उत्साह, देशभक्ति और एकता की भावना भर दी। इसने सिद्ध कर दिया कि प्रतीकात्मक कार्य भी लोगों के भीतर स्वतंत्रता की वास्तविक तड़प और संघर्ष करने का साहस पैदा कर सकते हैं।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्य-पुस्तक 'संचयन'
(i) 'टोपी शुक्ला' - अपनापन और मानवीय संबंध: टोपी शुक्ला को अपने हिंदू परिवार के सख्त वातावरण के बजाय इफ़्फ़न के मुस्लिम परिवार में अधिक प्यार और अपनापन मिला। यह दर्शाता है कि रिश्तों का आधार धर्म, जाति या खून का संबंध नहीं, बल्कि प्रेम और सहानुभूति होती है। जहाँ मन को सुकून और ममता मिले, वही वास्तव में 'अपने' होते हैं। टोपी के लिए इफ़्फ़न की दादी उसकी अपनी दादी से अधिक प्रिय थीं क्योंकि वे उसे समझती थीं।
(ii) 'सपनों के से दिन' - शिक्षा के प्रति अरुचि: उस समय के परिवारों में शिक्षा के प्रति अरुचि का मुख्य कारण गरीबी और जागरूकता का अभाव था। लोग सोचते थे कि बच्चों को पढ़ाने से अच्छा है कि वे दुकान पर बैठें या काम सीखें ताकि परिवार की आमदनी बढ़े। वर्तमान में दृष्टिकोण पूरी तरह बदल चुका है; अब शिक्षा को जीवन में सफल होने और सम्मान पाने का एकमात्र मार्ग माना जाता है, इसलिए माता-पिता अपनी क्षमता से बढ़कर बच्चों को पढ़ाते हैं।
(iii) 'हरिहर काका' - महंत के कृत्यों के संभावित कारण: महंत जी द्वारा हरिहर काका की ज़मीन हड़पने के लिए अपनाए गए हथकंडों के पीछे मुख्य कारण लालच और सत्ता की भूख थी। वे धर्म की आड़ में ठाकुरबारी की संपत्ति बढ़ाना चाहते थे ताकि उनका वर्चस्व और ऐशो-आराम बना रहे। उनमें धार्मिक मूल्यों और नैतिकता का पूरी तरह लोप हो चुका था और वे धर्म के नाम पर केवल स्वार्थ सिद्धि और राजनीतिक शक्ति का संचय करना चाहते थे।
🔥 Set 5 - Answer Key 2026
🟢 Question Paper Code: 4/5/1 Solution
खंड – क (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (कृत्रिम वर्षा)
- (i) (B) जलवाष्प के कणों को घना करना।
- (ii) (D) (1) और (3) सही हैं।
- (iii) (C) यह प्राकृतिक जल चक्र को प्रभावित कर सकती है।
- (iv) कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता मुख्यतः उन क्षेत्रों में होती है जहाँ सूखा पड़ता है, जल संकट होता है या कृषि के लिए पर्याप्त वर्षा नहीं होती।
- (v) जलवायु परिवर्तन के इस युग में, कृत्रिम वर्षा जल संकट के समाधान का एक महत्वपूर्ण विकल्प बनती जा रही है।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (विटामिन-डी)
- (i) (A) शरीर में विटामिन डी की कमी।
- (ii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
- (iii) (B) प्रदूषक तत्वों का अवशोषण।
- (iv) विटामिन-डी मुख्य रूप से सूर्य की रोशनी से प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा संतुलित आहार भी इसका स्रोत है।
- (v) विटामिन-डी की कमी के प्रमुख कारण हैं - आधुनिक जीवन-शैली (जैसे दफ्तर या घर के भीतर रहना), बढ़ता प्रदूषण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (कंप्यूटर, मोबाइल) के साथ अत्यधिक व्यस्तता।
खंड – ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध
- सर्वनाम पदबंध : 'अभियान पूरा करने वाले सभी'
- रेखांकित पदबंध 'हेडमास्टर शर्मा जी' का भेद : संज्ञा पदबंध।
- रेखांकित पदबंध 'उसका आत्मीय स्वभाव' का भेद : विशेषण पदबंध।
- 'भागा-भागा' : क्रिया-विशेषण पदबंध।
- रेखांकित पदबंध 'एक संवेदनशील और भावुक कवि' का भेद : संज्ञा पदबंध।
प्रश्न 4: वाक्य रूपांतरण
- रचना की दृष्टि से वाक्य भेद : संयुक्त वाक्य।
- संयुक्त वाक्य : हमने ओठों से प्याला लगाया और एक-एक बूँद चाय पीते रहे।
- मिश्र वाक्य : जब सूरज ढल जाए, तब आँगन के पेड़ों से पत्ते मत तोड़ो।
- रचना की दृष्टि से वाक्य भेद : सरल वाक्य।
- सरल वाक्य : गायन के अत्यधिक प्रभावी होने के कारण वह अपनी सुध-बुध खोने लगा।
प्रश्न 5: समास
- कर्मधारय समास: इसमें एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है। उदाहरण: नीलकमल।
- 'दोपहर' द्विगु समास का उदाहरण है क्योंकि इसका पहला पद 'दो' एक संख्यावाचक विशेषण है।
- दीया-बत्ती : दीया और बत्ती (समास: द्वंद्व समास)।
- महान हैं जो देवी : महादेवी (समास: कर्मधारय समास)।
- 'विचाराधीन' समास का भेद : तत्पुरुष समास।
प्रश्न 6: मुहावरे
- रंग दिखाना : अपना असली स्वभाव प्रकट करना। रंग चढ़ना : प्रभाव में आना।
- पुजारी जी की बातें सुनकर महंत जी के कान खड़े हो गए।
- 'जी-जान से जुट जाना' (बहुत मेहनत करना) - सोहन परीक्षा के लिए जी-जान से जुट गया।
- पूरी तरह समाप्त कर देना : काम तमाम कर देना।
- रंगे हाथ पकड़ना : पुलिस ने चोर को रंगे हाथ पकड़ लिया।
खंड – ग (पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक)
प्रश्न 7: पठित गद्यांश (कारतूस)
- (i) (A) उसके लिए कंपनी का हित सर्वोपरि था।
- (ii) (D) वज़ीर अली।
- (iii) (B) अवध का तख़्त छोड़ने के बदले।
- (iv) (B) उसकी आपराधिक प्रवृत्ति।
- (v) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं।
प्रश्न 8: गद्य खंड आधारित प्रश्न
(i) तताँरा-वामीरो कथा: तताँरा अपनी तलवार की दैवीय शक्ति से परिचित था, परंतु उसने इसका प्रयोग कभी किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं किया। जब वामीरो के गाँव वालों और उसकी माँ ने तताँरा का अपमान किया और अपनी रूढ़िवादी परंपराओं के कारण उनके प्रेम का विरोध किया, तब तताँरा को अत्यधिक क्रोध आया। उसने अपने क्रोध को शांत करने के लिए तलवार को ज़मीन में घोंप दिया और उसे खींचता चला गया, जिससे द्वीप दो टुकड़ों में बँट गया। पाठ के आधार पर, यह क्रोध और शक्ति का प्रयोग अनुचित था क्योंकि इससे तताँरा और वामीरो दोनों का अंत हो गया, परंतु इसके परिणामस्वरूप समाज की रूढ़िवादी परंपराएँ टूट गईं।
(ii) गिन्नी का सोना: लेखक के अनुसार 'व्यवहारवादी लोग' हमेशा सजग रहते हैं क्योंकि वे हर कदम लाभ-हानि का हिसाब लगाकर उठाते हैं। वे केवल वही काम करते हैं जिससे उन्हें व्यक्तिगत फ़ायदा हो। लेखक यहाँ इस 'सजगता' की आलोचना कर रहे हैं क्योंकि ऐसे लोग समाज के लिए कोई आदर्श प्रस्तुत नहीं करते। वे केवल सफल होने की होड़ में नैतिक मूल्यों और दूसरों की भलाई को भुला देते हैं।
(iii) अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले: लेखक ने बताया है कि मनुष्य ने अपनी बढ़ती ज़रूरतों के लिए प्रकृति का अत्यधिक दोहन किया है, जिससे पर्यावरण असंतुलन पैदा हो गया है। आज के समय में इसे पूरी तरह समाप्त करना तो कठिन है, परंतु कम और नियंत्रित करना निश्चित रूप से संभव है। यदि हम वृक्षारोपण करें, प्रदूषण कम करें और वन्य जीवों का संरक्षण करें, तो प्रकृति की क्षति को रोका जा सकता है। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है।
(iv) तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र: शैलेंद्र एक संवेदनशील कवि थे, पेशेवर निर्माता नहीं। वे जानते थे कि 'तीसरी कसम' जैसी साहित्यिक और कलात्मक फ़िल्म के असफल होने का ख़तरा है, क्योंकि इसमें व्यावसायिक फ़िल्मों जैसे मसाले नहीं थे। फिर भी उन्होंने यह फ़िल्म इसलिए बनाई क्योंकि वे कला को बाज़ार के हिसाब से नहीं, बल्कि अपनी अंतरात्मा और सच की अभिव्यक्ति के लिए बनाना चाहते थे। उनके लिए फ़िल्म बनाना पैसा कमाने का साधन नहीं, बल्कि एक उद्देश्य था।
प्रश्न 9: पठित काव्यांश (साखी)
- (i) (A) जो परमात्मा के प्रेम में डूबा है।
- (ii) (D) हर घड़ी।
- (iii) (D) परमात्मा से विरह की अनुभूति होना।
- (iv) (C) कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।
- (v) (D) राम से विरही व्यक्ति की स्थिति विक्षिप्तों जैसी हो जाती है।
प्रश्न 10: काव्य खंड आधारित प्रश्न
(i) मनुष्यता: कवि मैथिलीशरण गुप्त ने गर्वहित (अभिमान रहित) जीवन जीने की सलाह इसलिए दी है क्योंकि संपत्ति, शक्ति और सत्ता नाशवान हैं। जो व्यक्ति अहंकार करता है, वह दूसरों से दूर हो जाता है। कवि के अनुसार सच्चा मनुष्य वही है जो दूसरों के लिए जीता है और 'अनाथ' कोई नहीं है क्योंकि ईश्वर (त्रिलोकनाथ) सबके साथ हैं। अहंकार मनुष्य की गरिमा को कम करता है।
(ii) पर्वत प्रदेश में पावस: 'था इंद्र खेलता इंद्रजल' पंक्ति का आशय यह है कि वर्षा ऋतु में पहाड़ों पर मौसम पल-पल बदल रहा था। कभी बादलों के कारण पहाड़ अदृश्य हो जाते, कभी झरने फूट पड़ते, तो कभी गहरा कोहरा छा जाता। प्रकृति के इस जादुई और रहस्यमयी बदलाव को देखकर ऐसा लगता था मानो इंद्र देवता अपना कोई 'इंद्रजाल' (जादू) दिखा रहे हों।
(iii) कर चले हम फ़िदा: इस कविता से सैनिकों की कई विशेषताओं का पता चलता है: उनका अदम्य साहस, देश के प्रति अटूट प्रेम, बलिदान की भावना और कर्तव्यपरायणता। सैनिक अपनी अंतिम साँस तक देश की रक्षा की शपथ लेते हैं और साथियों को देश की अमानत सौंपकर खुद को न्योछावर करने में गर्व महसूस करते हैं।
(iv) आत्मत्राण: कवि रवींद्रनाथ ठाकुर ईश्वर से यह अपेक्षा करते हैं कि सुख के क्षणों में भी वे ईश्वर को न भूलें। वे चाहते हैं कि खुशियों के समय में उनका सिर ईश्वर के आगे नत रहे और वे हर सुख के लिए ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहें। वे सुख में भी ईश्वर की उपस्थिति को महसूस करना चाहते हैं।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्य-पुस्तक (संचयन) आधारित प्रश्न
(i) सपनों के से दिन: लेखक और उनके साथी ओमा को अपना नेता इसलिए मानते थे क्योंकि ओमा बहुत दबंग, निडर और शरीर से शक्तिशाली था। वह किसी से नहीं डरता था और लड़कों की टोलियों में उसकी हुकूमत चलती थी। मेरे विचार से, ओमा जैसे व्यक्ति को आदर्श नहीं बनाना चाहिए क्योंकि वह लड़ाई-झगड़े और शारीरिक शक्ति के बल पर अपनी बात मनवाता था। एक आदर्श व्यक्ति वह होना चाहिए जो बुद्धि, अनुशासन और अच्छे व्यवहार से दूसरों को प्रेरित करे।
(ii) टोपी शुक्ला: टोपी की अपनी माँ से बहुत लगाव था, लेकिन उसके घर का माहौल बहुत कड़ा और अनुशासन प्रिय था जहाँ उसकी भावनाओं को नहीं समझा जाता था। दूसरी ओर, इफ़्फ़न के घर में इफ़्फ़न की दादी थी जो टोपी को बहुत प्यार और ममता देती थीं। इफ़्फ़न का घर उसे एक मानसिक सुकून और आत्मीयता प्रदान करता था जो उसे अपने घर में नहीं मिलता था। इसीलिए टोपी को इफ़्फ़न के घर जाना पसंद था।
(iii) हरिहार काका: यदि समाज में परिवार और धार्मिक संस्थाएँ (जैसे ठाकुरबारी) अपने मूल दायित्वों (ममता, सुरक्षा और निस्वार्थ सेवा) को छोड़ दें, तो समाज पूरी तरह असुरक्षित और संवेदनहीन हो जाएगा। परिवार प्रेम और सहयोग का आधार है, और धार्मिक स्थान शांति और नैतिकता के केंद्र। इनके स्वार्थी होने से व्यक्ति अकेला पड़ जाएगा, रिश्तों से भरोसा उठ जाएगा और समाज में केवल अपराध व असुरक्षा की भावना बढ़ेगी, जैसा कि हरिहर काका के साथ हुआ।
खंड – घ (रचनात्मक लेखन)
नोट: लेखन कौशल (Creative Writing)
प्रश्र 12, 13, 14, 15 रचनात्मक लेखन है .. जिस पर विद्यार्थी अपने विचार के अनुसार उत्तर लिख सकता है।
इन प्रश्नों में अनुच्छेद लेखन, पत्र लेखन, सूचना लेखन और विज्ञापन लेखन शामिल हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे दिए गए संकेत बिंदुओं और अपनी रचनात्मकता का उपयोग करते हुए इन उत्तरों को स्वयं लिखें ताकि परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकें।
🟢 Question Paper Code: 4/5/2 Solution
खंड – क (अपठित बोध)
प्रश्न 1: अपठित गद्यांश (विटामिन-डी)
- (i) (A) शरीर में विटामिन डी की कमी
- (ii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
- (iii) (B) प्रदूषक तत्त्वों का अवशोषण
- (iv) विटामिन-डी मुख्य रूप से सूर्य की प्राकृतिक रोशनी से प्राप्त किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, संतुलित आहार भी इसका एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
- (v) विटामिन-डी की कमी के प्रमुख कारण आधुनिक जीवन-शैली, बढ़ता प्रदूषण, और अधिकांश समय घर या दफ्तर के भीतर बिताने के कारण सूर्य की रोशनी का पर्याप्त लाभ न मिल पाना है।
प्रश्न 2: अपठित गद्यांश (कृत्रिम वर्षा)
- (i) (B) जलवाष्प के कणों को घना करना
- (ii) (D) (1) और (3) सही हैं।
- (iii) (C) यह प्राकृतिक जल चक्र को प्रभावित कर सकती है।
- (iv) कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता उन क्षेत्रों में होती है जहाँ सूखा पड़ता है, जल संकट होता है, कृषि के लिए पर्याप्त वर्षा नहीं होती, अथवा जंगल की आग बुझाने और वायु प्रदूषण कम करने के लिए इसकी सहायता ली जाती है।
- (v) जलवायु परिवर्तन के दौर में बढ़ते जल संकट का समाधान करने के लिए कृत्रिम वर्षा एक महत्त्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है।
खंड – ख (व्यावहारिक व्याकरण)
प्रश्न 3: पदबंध
- 'उनके मित्रों में से कुछ' — सर्वनाम पदबंध
- 'सुबह से शाम तक' — क्रिया-विशेषण पदबंध
- 'सूरज की रंग-बिरंगी किरणें' — संज्ञा पदबंध
- 'मधुर गीत गूँजता-सा' — संज्ञा पदबंध। कारण: यहाँ 'गीत' मुख्य संज्ञा है और बाकी शब्द उसके विस्तारक के रूप में प्रयुक्त हुए हैं।
- 'घी टपकते' — विशेषण पदबंध
प्रश्न 4: वाक्य-रूपांतरण
- संयुक्त वाक्य (क्योंकि इसमें 'लेकिन' योजक का प्रयोग है)।
- वे लोग शहर छोड़कर नहीं जा सके और उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।
- जैसे ही वह चैतन्य हुआ, वह उधर बढ़ने को विवश हो उठा।
- सरल वाक्य।
- सिपाहियों को तैयार रहने के लिए कह दो।
प्रश्न 5: समास
- बहुब्रीहि समास का अन्य पद प्रधान होता है। उदाहरण: 'लंबोदर' (लंबा है उदर जिसका अर्थात् गणेश)।
- विग्रह: महान है जो कवि। भेद: कर्मधारय समास।
- समस्तपद: फिल्म-निर्माता। भेद: तत्पुरुष समास।
- अव्ययीभाव समास।
- जिस समास के दोनों पद प्रधान होते हैं, उसे द्वंद्व समास कहते हैं। उदाहरण: माता-पिता (माता और पिता)।
प्रश्न 6: मुहावरे
- मुहावरा: खुशी का ठिकाना न रहना। प्रयोग: कक्षा में प्रथम आने पर रीना की खुशी का ठिकाना न रहा।
- रिक्त स्थान: माथा ठनक गया। (भाइयों की बातें सुनकर हरिहर काका का माथा ठनक गया।)
- मुहावरा: आशा की किरण जागना।
- प्रयोग: एक अच्छी नौकरी पाने के लिए आज के युवाओं को बहुत 'पापड़ बेलने' पड़ते हैं।
- अंतर: 'दिन गिनना' का अर्थ है किसी घटना की बेसब्री से प्रतीक्षा करना, जबकि 'दिन काटना' का अर्थ है मुश्किल परिस्थितियों में समय बिताना।
खंड – ग (पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक)
प्रश्न 7: पठित काव्यांश (कबीर की साखी)
- (i) (A) जो परमात्मा के प्रेम में डूबा है।
- (ii) (D) हर घड़ी।
- (iii) (D) परमात्मा से विरह की अनुभूति होना।
- (iv) (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है।
- (v) (D) राम से विरही व्यक्ति की स्थिति विक्षिप्तों जैसी हो जाती है।
प्रश्न 8: पठित गद्यांश (कारतूस)
- (i) (A) उसके लिए कंपनी का हित सर्वोपरि था।
- (ii) (D) वज़ीर अली।
- (iii) (B) अवध का तख़्त छोड़ने के बदले।
- (iv) (B) उसकी आपराधिक प्रवृत्ति।
- (v) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 9: काव्य खंड (लघु उत्तरीय प्रश्न)
(i) 'मनुष्यता' कविता में कवि ने गर्वहित जीवन जीने की सलाह क्यों दी है?
कवि मैथिलीशरण गुप्त के अनुसार, यह संसार नश्वर है और धन-दौलत स्थायी नहीं है। सभी मनुष्य एक ही ईश्वर की संतान हैं, इसलिए स्वयं को 'सनाथ' मानकर दूसरों को तुच्छ समझना और अहंकार करना व्यर्थ है। सच्चा मनुष्य वही है जो अहंकार त्याग कर सबको साथ लेकर चले।
(ii) 'पर्वत प्रदेश में पावस' के आधार पर 'था इंद्र खेलता इंद्रजाल' का आशय:
पर्वतीय क्षेत्र में वर्षा ऋतु में पल-पल प्रकृति का रूप बदलता है। कभी बादल छा जाते हैं, कभी धुंध और कभी तेज वर्षा होने लगती है। इस जादुई परिवर्तन को देखकर कवि को लगता है कि वर्षा का देवता 'इंद्र' बादलों के विमान पर बैठकर अपना जादू (इंद्रजाल) दिखा रहा है।
(iii) 'कर चले हम फिदा' कविता से सैनिक की विशेषताएँ:
इस कविता से सैनिक की अदम्य वीरता, देशभक्ति, त्याग और बलिदान की भावना का पता चलता है। सैनिक विषम परिस्थितियों में भी देश की सीमा की रक्षा करता है और अपनी अंतिम सांस तक मातृभूमि के मान-सम्मान को बनाए रखने का संकल्प रखता है।
(iv) 'आत्मत्राण' कविता में ईश्वर से अपेक्षा:
'आत्मत्राण' कविता में कवि रवींद्रनाथ टैगोर ईश्वर से यह प्रार्थना करते हैं कि सुख के दिनों में भी वे ईश्वर को न भूलें। वे चाहते हैं कि सुख के क्षणों में वे नतमस्तक होकर ईश्वर का स्मरण करें और उनकी कृपा पर अटूट विश्वास बनाए रखें।
प्रश्न 10: गद्य खंड (लघु उत्तरीय प्रश्न)
(i) तताँरा-वामीरो के बलिदान को समाज ने क्यों याद रखा?
तताँरा-वामीरो के बलिदान ने समाज की उस रूढ़िवादी परंपरा को जड़ से खत्म कर दिया, जो दूसरे गाँव में विवाह की अनुमति नहीं देती थी। उनके त्याग के बाद समाज में प्रेम और आत्मीयता बढ़ी, इसलिए समाज ने उनकी प्रेम-कथा को यादगार बना दिया।
(ii) 'झेन की देन' पाठ का संदेश:
यह पाठ हमें 'वर्तमान' में जीने का संदेश देता है। लेखक बताते हैं कि हम अक्सर बीते हुए कल या आने वाले कल की चिंताओं में उलझे रहते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है। हमें वर्तमान क्षण का आनंद लेना चाहिए क्योंकि वही सत्य है।
(iii) समुद्र ने मनुष्य के हस्तक्षेप का बदला किस रूप में लिया?
मनुष्य द्वारा समुद्र की जमीन हथियाने और प्रदूषण फैलाने से समुद्र क्रोधित हो उठा। उसने अपनी लहरों के जोर से तीन बड़े समुद्री जहाजों को बच्चों के खिलौनों की तरह उठाकर अलग-अलग दिशाओं (गेटवे ऑफ इंडिया, कार्टर रोड और वर्ली) में फेंक दिया।
(iv) 'तीसरी कसम' जैसी फ़िल्में बनाना जोखिम भरा क्यों है?
हाँ, क्योंकि आज का सिनेमा व्यवसाय प्रधान हो गया है। दर्शक अक्सर मनोरंजन और मसाला फिल्मों की मांग करते हैं। ऐसी स्थिति में 'तीसरी कसम' जैसी गंभीर और कलात्मक फिल्में बनाना आर्थिक दृष्टि से जोखिम भरा होता है क्योंकि इनके सफल होने की गारंटी कम होती है।
प्रश्न 11: पूरक पाठ्य-पुस्तक 'संचयन' के प्रश्न
(i) 'सपनों के से दिन' - ओमा को नेता मानने के कारण:
ओमा कद-काठी में मजबूत, निडर और लड़कू स्वभाव का था। वह सिर से टक्कर मारने में माहिर था। लेखक और उसके साथी उसकी शक्ति के कारण उसे अपना नेता मानते थे। मैं ओमा को अपना आदर्श नहीं बनाना चाहूँगा क्योंकि नेतृत्व का आधार अनुशासन और ज्ञान होना चाहिए, न कि डराना-धमकाना।
(ii) टोपी ने इफ़्फ़न के घर जाना बंद क्यों नहीं किया?
टोपी को अपने घर में वह प्यार नहीं मिलता था जिसकी उसे तलाश थी। इफ़्फ़न की दादी के पास बैठकर उसे असीम शांति और ममता मिलती थी। दादी की भाषा और उनकी कहानियाँ टोपी के अकेलेपन को दूर करती थीं, इसलिए माँ की डाँट के बाद भी वह वहाँ जाता रहा।
(iii) 'हरिहर काका' - परिवार और ठाकुरबारी की भूमिका का त्याग:
यदि परिवार और धार्मिक संस्थाएं अपने मूल दायित्व को छोड़ दें, तो समाज में असुरक्षा और अनैतिकता बढ़ जाएगी। वृद्धों का शोषण होगा और समाज का मानवीय ढांचा चरमरा जाएगा। हरिहर काका की स्थिति इसका सबसे बड़ा उदाहरण है जहाँ स्वार्थ ने रिश्तों और धर्म दोनों को कलंकित किया।
खंड – घ (रचनात्मक लेखन)
प्रश्न 12, 13, 14, 15: रचनात्मक लेखन
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण टिप:
प्रश्र 12, 13, 14, 15 रचनात्मक लेखन है, जिस पर विद्यार्थी अपने विचार के अनुसार उत्तर लिख सकता है। यह भाग आपकी कल्पनाशीलता, पत्र लेखन कौशल और विज्ञापन लेखन की कला को परखने के लिए है। इन प्रश्नों का उत्तर प्रश्नपत्र में दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर अपनी मौलिक शैली में लिखें।
🟢 Question Paper Code: 4/5/3 Solution
[यहाँ Code 4/5/3 का पूरा हल (HTML code) Paste करें]
✍️ रचनात्मक लेखन (Creative Writing) के लिए महत्वपूर्ण नोट:
हिंदी 'ब' (Hindi Course B) के रचनात्मक लेखन (जैसे- अनुच्छेद, औपचारिक पत्र, सूचना लेखन, विज्ञापन लेखन और लघुकथा/ई-मेल लेखन) के उत्तर पूरी तरह से छात्र की रचनात्मकता और सोच पर निर्भर करते हैं। ऊपर दिए गए उत्तर केवल Model Answer (आदर्श उत्तर) हैं। यदि आपने परीक्षा में CBSE के नवीनतम प्रारूप (Format) का पालन किया है और विषय के अनुसार अपनी भाषा में लिखा है, तो आपको पूरे अंक मिलेंगे।
🔍 Tags & Search Keywords:
CBSE Class 10 Hindi B Answer Key 2026, Answer Key Hindi Course B Class 10 02 Mar 2026, Code 4/1/1, Code 4/1/2, Code 4/1/3, Code 4/2/1, Code 4/2/2, Code 4/2/3, Code 4/3/1, Code 4/3/2, Code 4/3/3, Code 4/4/1, Code 4/4/2, Code 4/4/3, Code 4/5/1, Code 4/5/2, Code 4/5/3 Hindi B Solution Set 1 Set 2 Set 3 Set 4 Set 5 Paper Solution Sparsh Sanchayan Class 10th.


same questions ke alag set mein alag ans kyu hai
ReplyDelete